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बड़ी घोषणा: CG के इस जिले के दो नवीन कॉलेजों को मिली भवन की सौगात, बजट में 2 करोड़ रुपए स्वीकृत

Good News: एक कॉलेज भवन के निर्माण पर कुल 4 करोड़ 65 लाख रुपए का खर्च अनुमानित है। इस बजट प्रावधान के बाद अब इन कॉलेजों के लिए जमीन आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा।

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दो नवीन कॉलेजों को मिली भवन की सौगात (फोटो सोर्स- पत्रिका)

दो नवीन कॉलेजों को मिली भवन की सौगात (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: बेमेतरा जिले में उच्च शिक्षा की सुविधाओं को विस्तार देते हुए राज्य सरकार ने बजट में बड़ी घोषणा की है। जिले के साजा ब्लॉक के ठेलका और बेमेतरा ब्लॉक के देवरबीजा में संचालित नवीन महाविद्यालयों के स्वयं के भवन निर्माण के लिए शासन ने प्रथम किस्त के रूप में 1-1 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

जानकारी के अनुसार, एक कॉलेज भवन के निर्माण पर कुल 4 करोड़ 65 लाख रुपए का खर्च अनुमानित है। इस बजट प्रावधान के बाद अब इन कॉलेजों के लिए जमीन आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इन महाविद्यालयों में संसाधनों और भवन के अभाव को लेकर पत्रिका ने लगातार जनहित में खबरें प्रकाशित की थीं।

विशेष रूप से 11 सितंबर 2025 और 24 जनवरी 2026 को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर विद्यार्थियों को हो रही परेशानियों और उधार के कमरों में चल रही कक्षाओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। पत्रिका की इस मुहिम का ही असर है कि शासन ने बजट की कमी के कारण अटकी हुई निर्माण प्रक्रिया को गति देने के लिए अब राशि का आवंटन सुनिश्चित किया है।

2023-24 के दौरान 6 नवीन कॉलेजों को मिली थी स्वीकृति

जिले में वर्ष 2023-24 के दौरान कुल 6 नवीन महाविद्यालयों (बोरतरा, भिभौरी, ठेलका, देवरबीजा, दाढ़ी और नांदघाट) की स्वीकृति मिली थी। इनमें से वर्तमान में केवल दाढ़ी और नांदघाट कॉलेज के भवनों का निर्माण प्रगति पर है, जबकि अन्य कॉलेज बजट का इंतजार कर रहे थे। अब ठेलका और देवरबीजा के लिए फंड जारी होने से जिले के शैक्षणिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। हालांकि भिभौरी और बोरतरा जैसे शेष दो कॉलेजों के लिए अभी भी बजट आवंटन का इंतजार किया जा रहा है, ताकि वहां भी स्थायी भवन बन सके।

उधार के भवनों में किया जा रहा है संचालन

वर्तमान में इन कॉलेजों का संचालन प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के उधार के भवनों में किया जा रहा है, जिससे न केवल कॉलेज के छात्रों को बल्कि स्कूल के बच्चों को भी जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है। भवन विहीन होने के कारण स्टाफ और विद्यार्थियों को लैब, लाइब्रेरी और पर्याप्त कक्षाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा था। अब बजट स्वीकृत होने के बाद ग्रामीणों और छात्रों में नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें सर्वसुविधायुक्त अपना स्वयं का कॉलेज परिसर मिल सकेगा।