
आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका वर्मा। फाइल फोटो- पत्रिका नेटवर्क
IPS Viral Wedding Card राजस्थान के बाड़मेर से जुड़े बिश्नोई परिवार का रिश्ता अब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जुड़ने जा रहा है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई और अंशिका वर्मा मार्च महीने में विवाह बंधन में बंधेंगे। राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े इस रिश्ते को लेकर दोनों राज्यों में चर्चा है और इसे उत्तर प्रदेश की चर्चित आईपीएस जोड़ियों में गिना जा रहा है।
दोनों आईपीएस अधिकारियों का विवाह समारोह बाड़मेर में आयोजित होगा, जो कृष्ण कुमार बिश्नोई का गृह जिला है। विवाह समारोह की शुरुआत 28 मार्च से होगी। इससे पहले महिला संगीत का कार्यक्रम रखा गया है। 28 मार्च को बाड़मेर के कृष्ण निवास से कृष्ण कुमार बिश्नोई बारात लेकर पहुंचेंगे। 29 मार्च की सुबह विदाई का कार्यक्रम होगा, जबकि 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसॉर्ट में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। इस रिसेप्शन में कई वरिष्ठ अधिकारी, नेता और दोनों परिवारों के खास मेहमान शामिल हो सकते हैं। विवाह के लिए छपे निमंत्रण पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
कृष्ण कुमार बिश्नोई 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 174वीं रैंक हासिल की थी। वे महज 24 वर्ष की उम्र में आईपीएस बने थे। उनका मूल निवास बाड़मेर जिले में है। उनके पिता सुजानाराम किसान हैं।
कृष्ण कुमार की प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई, इसके बाद उन्होंने जोधपुर के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई की और आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। उनके बड़े भाई भजनलाल बिश्नोई राजस्थान प्रशासनिक सेवा में अधिकारी हैं। कृष्ण कुमार बिश्नोई को संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा पर केवल 2 घंटे के अंदर नियंत्रण पाने के लिए काफी सराहा गया था।
कृष्ण कुमार बिश्नोई को फ्रांस सरकार की ओर से शिक्षा के लिए 40 लाख रुपए की स्कॉलरशिप भी मिली थी। उस समय इस स्कॉलरशिप को पाने वाले वे पहले भारतीय थे। पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में चयन के बाद उन्होंने वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने छह माह अमरीका में शोध कार्य किया और फिर यूनाइटेड नेशन ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट ग्रुप में सलाहकार के रूप में कार्य किया। वहां उन्हें लगभग 30 लाख रुपए सालाना का पैकेज मिल रहा था, लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी की और आईपीएस बने।
अंशिका वर्मा मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं और वर्ष 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल की थी। नोएडा के गलगोटिया कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर आईपीएस बनीं। वे गोरखपुर में एएसपी के रूप में कार्यरत रहीं, अब बरेली में महिला उत्पीड़न और साइबर क्राइम पर सक्रिय हैं।
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बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों की मुलाकात गोरखपुर में तैनाती के दौरान हुई थी। वहीं से दोनों के बीच परिचय और बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई। बाद में यह बात दोनों परिवारों तक पहुंची और परिवारों की सहमति के बाद विवाह तय कर दिया गया। अब मार्च महीने में दोनों आईपीएस अधिकारी विवाह बंधन में बंधेंगे।
Published on:
07 Mar 2026 04:52 pm
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