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कुड्डा हत्याकांड में आया फैसला… राजवीर और दो बेटों को उम्रकैद, कोर्ट ने ठोका डेढ़-डेढ़ लाख जुर्माना

भमोरा क्षेत्र के गांव कुड्डा में वर्ष 2018 में हुए मेहरवान यादव हत्याकांड में विशेष जज तबरेज अहमद की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने राजवीर यादव, उसके बेटे अवधेश और कल्लू को उम्रकैद के साथ डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया।

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बरेली। भमोरा क्षेत्र के गांव कुड्डा में वर्ष 2018 में हुए मेहरवान यादव हत्याकांड में विशेष जज तबरेज अहमद की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने राजवीर यादव, उसके बेटे अवधेश और कल्लू को उम्रकैद के साथ डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया।

चीनी खरीदने निकले थे, रास्ते में हुआ था विवाद

गांव कुड्डा निवासी अनुज यादव ने थाना भमोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता मेहरवान यादव एक नवंबर 2018 को गांव के दीपक की दुकान पर चीनी खरीदने गए थे। रास्ते में गांव के ही राजवीर यादव, उसके बेटे अवधेश और कल्लू तथा परिजन ओमपाल ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और आरोपियों ने मेहरवान यादव पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे अनुज को भी पीटकर घायल कर दिया गया।

इलाज के दौरान मौत, फिर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा

शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में एनसीआर दर्ज की थी, लेकिन घटना के अगले दिन यानी दो नवंबर 2018 को इलाज के दौरान मेहरवान यादव की मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। भमोरा पुलिस ने 11 नवंबर 2018 को आरोपी राजवीर यादव और उसके बेटों कल्लू व अवधेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, आरोपी ओमपाल ने 13 दिसंबर 2018 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था।

अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिगंबर पटेल और मनोज बाजपेई ने गवाहों और साक्ष्यों को कोर्ट में पेश किया। सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। करीब आठ साल पुराने इस हत्याकांड में आए फैसले के बाद मृतक पक्ष ने न्याय मिलने की बात कही, जबकि दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

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