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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की जंग शुरू, मैदान में उतारी नगर निगम ने पूरी फौज, 300 से ज्यादा कर्मियों को मिला ये टारगेट

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए नगर निगम बरेली ने तैयारियों को आक्रामक रफ्तार दे दी है। इसी कड़ी में नगर आयुक्त के निर्देश पर 300 से अधिक सफाई कर्मियों की मौजूदगी में कार्यशाला आयोजित कर जमीनी स्तर पर काम तेज करने और लापरवाही पर लगाम लगाने का साफ संदेश दिया गया।

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बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए नगर निगम बरेली पूरी तरह मैदान में उतर गया है। इसी कड़ी में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देश पर रामपुर गार्डन स्थित संजय कम्यूनिटी हॉल में एक बड़ी क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले सफाई अमले को सीधा टारगेट दिया गया।

कार्यशाला की शुरुआत नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने की। इसके बाद सभी जोनों के सफाई निरीक्षक, सफाई नायक, सफाई मित्र और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से जुड़े कर्मचारियों को साफ-साफ बताया गया कि अब काम में लापरवाही नहीं चलेगी। शहर को ओपन डिफेकेशन फ्री (ओडीएफ) और गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) बनाने के लिए क्या करना है, यह बिंदुवार समझाया गया।

मापदंडों पर फोकस, फील्ड पर असर

स्वच्छ सर्वेक्षण की टूलकिट में शामिल मापदंडों, इंडिकेटर और सब-इंडिकेटर पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम ही सर्वेक्षण में नंबर दिलाएगा। फील्ड लेवल पर समन्वय, निरंतर सफाई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर खास जोर दिया गया। इस कार्यशाला में स्वच्छ शहर जोड़ी निकायों से भी सहभागिता रही। नगर पालिका परिषद बहेड़ी, फरीदपुर और नगर पंचायत फरीदपुर के सफाई निरीक्षक भी प्रशिक्षण लेने पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में एक जैसी रणनीति पर काम हो सके।

जिम्मेदारी तय, बहाने खत्म

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानू प्रकाश सिंह, उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह राठौर ने साफ कहा कि हर कर्मचारी की भूमिका तय है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सार्वजनिक शौचालयों का संचालन और रखरखाव करने वाली संस्थाओं को भी उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से समझाई गईं। AIILSG की स्वच्छ भारत मिशन आईईसी टीम द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में 300 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। संवादात्मक सत्रों के जरिए समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित समाधान पर चर्चा हुई, ताकि सर्वेक्षण के समय कोई कमी न रह जाए।

सफाई मित्रों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान

कार्यशाला के साथ ही सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। डॉक्टरों की टीम ने रक्तचाप, शुगर, वजन और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की। जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां और परामर्श भी दिया गया। नगर निगम का साफ कहना है कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बरेली की तस्वीर बदली हुई दिखेगी। तैयारी से लेकर अमल तक, हर स्तर पर सख्ती और सक्रियता के साथ काम किया जाएगा।