15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब सड़क पर जरा सी गलती भी पड़ेगी भारी, एक साल में पांच चालान होते ही लाइसेंस होगा सस्पेंड

सड़क पर नियम तोड़ने वालों के लिए अब चेतावनी नहीं, सीधी कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। ट्रैफिक नियमों का मजाक उड़ाने वाले वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है।

2 min read
Google source verification

बरेली। सड़क पर नियम तोड़ने वालों के लिए अब चेतावनी नहीं, सीधी कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। ट्रैफिक नियमों का मजाक उड़ाने वाले वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है। साफ शब्दों में कह दिया गया है अगर एक साल में पांच बार चालान कट गया, तो तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड और चालक अयोग्य घोषित होगा।

अब चालान काटा गया तो उसे 45 दिन के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। इस अवधि में ही आपत्ति दर्ज करानी होगी, वरना बाद में रोने-धोने से कोई फायदा नहीं होगा। समय सीमा पार होते ही कार्रवाई तय मानी जाएगी।

आरटीओ के फैसले से नाराज़, आधा जुर्माना जमा कर ही पहुंचे कोर्ट

नई व्यवस्था में अदालत का दरवाजा भी यूं ही नहीं खुलेगा। अगर आरटीओ के फैसले से असंतुष्ट हैं तो पहले चालान की 50 प्रतिशत रकम जमा करनी होगी, तभी कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकेंगे। बिना आधा जुर्माना भरे अदालत का रास्ता बंद रहेगा। संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन पंकज सिंह के मुताबिक, यदि वाहन स्वामी आपत्ति दर्ज कराता है तो आरटीओ को 30 दिन के भीतर फैसला देना होगा। तय समय में निस्तारण नहीं हुआ तो चालान स्वतः निरस्त माना जाएगा। यानी विभाग पर भी जवाबदेही तय।

अब कैमरे भी काटेंगे चालान, घर पहुंचेगा नोटिस

संशोधित केंद्रीय मोटरयान नियम 2026 के तहत अब चालान सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक निगरानी सिस्टम से भी होगा। भौतिक चालान 15 दिन में और ई-चालान तीन दिन के भीतर वाहन स्वामी तक पहुंचाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर चालान जमा नहीं किया गया तो संबंधित वाहन को निरुद्ध किया जा सकता है। इतना ही नहीं, जब तक जुर्माना नहीं भरा जाएगा तब तक वाहन से जुड़ा कोई भी काम फिटनेस, ट्रांसफर या अन्य प्रक्रिया नहीं होगी। सभी एआरटीओ को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग