
बरेली। शहर में पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प की शानदार झलक देखने को मिल रही है। रामलीला मैदान, हार्टमेन ब्रिज के पास आयोजित हथकरघा बुनकर मेले का उद्घाटन शनिवार को बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने किया। हथकरघा विकास आयुक्त, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से आए बुनकरों और कारीगरों के उत्पाद एक ही छत के नीचे सजाए गए हैं। मेला 10 मार्च से शुरू होकर शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश हथकरघा विभाग की ओर से आयोजित इस मेले में 60 से अधिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। यहां देश की पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में कश्मीर और राजस्थान के पारंपरिक वस्त्रों के साथ-साथ बनारस और मऊ की प्रसिद्ध साड़ियां भी लोगों को खास आकर्षित कर रही हैं।
मेले में झांसी, मेरठ, पिलखुवा, अमरोहा और मुरादाबाद के कारीगर भी अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। यहां बेडशीट, दरी, डोरमैट, कुशन कवर, जरी के कपड़े, ड्रेस मैटेरियल, कुर्ते और शर्ट जैसे उत्पाद किफायती कीमतों पर उपलब्ध हैं। इस वजह से मेला खरीदारी के साथ-साथ देश की पारंपरिक हथकरघा संस्कृति को करीब से देखने का भी अवसर दे रहा है।
बरेली मंडल के सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग सर्वेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मेले का उद्देश्य स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के बुनकरों को मंच देना और उनके उत्पाद आम लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने शहरवासियों से मेले में पहुंचकर खरीदारी करने और कारीगरों का मनोबल बढ़ाने की अपील की। मेले में कई उत्पादों पर विशेष छूट भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाले वस्त्र कम कीमत पर मिल सकेंगे और कारीगरों को आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।
Published on:
14 Mar 2026 05:01 pm
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