
बरेली। बरेली–सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने सीसीटीवी कैमरे लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यदायी संस्था द्वारा हाईवे का सर्वे कराया जा रहा है। दावा है कि बरेली से लेकर सीतापुर तक शहरों, कस्बों और प्रमुख चौराहों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
राजधानी लखनऊ तक आवागमन को आसान बनाने के लिए 157 किलोमीटर लंबे बरेली–सीतापुर हाईवे को पहले ही फोरलेन किया जा चुका है। तीन साल पूरे होने के बाद इसकी मरम्मत भी कराई गई। हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें तो लग चुकी हैं, लेकिन कई स्थानों पर अंडरपास और फ्लाइओवर का निर्माण अभी भी जारी है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईवे के दोनों ओर अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कहीं होटल खुल गए हैं तो कहीं पेट्रोल पंप और रेता-बजरी की दुकानें चल रही हैं। पिछले साल एनएचएआइ ने करीब 450 लोगों को नोटिस जारी किए थे। पुलिस प्रशासन की मदद से कुछ जगह अतिक्रमण हटवाया भी गया, लेकिन कई स्थानों पर अब भी कब्जे बने हुए हैं।
अतिक्रमण और बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए अब एनएचएआइ ने हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी को काम सौंप दिया गया है और सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। कैमरे लगने के बाद हाईवे पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।
बरेली–सीतापुर हाईवे को सिक्सलेन में तब्दील करने की भी तैयारी शुरू हो चुकी है। पिछले महीने मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने एनएचएआइ अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे। मुरादाबाद से बरेली तक सिक्सलेन निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। नवदिया झादा में सिक्सलेन फ्लाइओवर का निर्माण पहले से चल रहा है, जिससे जल्द ही पूरे मार्ग पर सिक्सलेन निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि बरेली–सीतापुर हाईवे पर शहरों, कस्बों और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एजेंसी सर्वे कर रही है और जल्द ही कैमरे लगाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
Updated on:
30 Jan 2026 12:51 pm
Published on:
30 Jan 2026 12:50 pm

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