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बरेली की रहबर मीट फैक्ट्री में अचानक पड़ा छापा, कई गाड़ियों से पहुंची टीम, एक्शन से मची भगदड़, जानें फिर क्या हुआ…

बरेली की रहबर फूड्स (मीट) फैक्ट्री पर बुधवार को टीम ने ताबड़तोड़ छापा मारकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। कार्रवाई इतनी सख्त रही कि टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री को चारों तरफ से घेर लिया गया, गेट सील कर दिए गए और किसी को भी अंदर-बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई।

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फैक्ट्री के बाहर खड़ीं टीम की गाड़ियां

बरेली। टैक्स चोरी के शक में बरेली की रहबर फूड्स (मीट) फैक्ट्री पर बुधवार को जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने ताबड़तोड़ छापा मारकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। कार्रवाई इतनी सख्त रही कि टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री को चारों तरफ से घेर लिया गया, गेट सील कर दिए गए और किसी को भी अंदर-बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।

टैक्स चोरी के गंभीर आरोप, रिकॉर्ड खंगालने में जुटी टीम

जीएसटी विभाग को लंबे समय से रहबर फूड्स पर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और वित्तीय हेराफेरी की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि फैक्ट्री में उत्पादन और बिक्री के आंकड़ों में जानबूझकर भारी हेरफेर किया गया। इसी इनपुट पर एसआईबी की टीम ने छापेमारी कर स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर, जीएसटी रिटर्न और अन्य अहम दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी।

कागजों और हकीकत में फर्क, स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री में मौजूद कच्चे माल और तैयार माल का बारीकी से भौतिक सत्यापन किया। दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों और मौके पर मिले स्टॉक के बीच बड़े अंतर को लेकर जांच एजेंसी खासा सतर्क है। फैक्ट्री के कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की डिजिटल गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।

पुरानी रेड के सुरागों से जुड़ रही कड़ियां

सूत्रों के मुताबिक, करीब दो महीने पहले संभल और बरेली में इसी समूह से जुड़े मीट कारोबारियों के यहां हुई छापेमारी में कई अहम सुराग मिले थे। उस वक्त कुछ कड़ियां अधूरी रह गई थीं। अब उन्हीं सुरागों को जोड़ने के लिए यह सख्त और निर्णायक कार्रवाई की गई है।

मुम्बई से संभल तक फैला नेटवर्क, बैंक खातों पर नजर

बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री मुम्बई के कारोबारी फिरोज शेख से जुड़ी है, जिसमें संभल के प्रभावशाली मीट निर्यातक इमरान की भी हिस्सेदारी बताई जा रही है। दोनों का कारोबार कई राज्यों में फैला हुआ नेटवर्क रखता है। जांच एजेंसियों ने अब बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और फर्जी बिलिंग पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

मीट कारोबारियों में दहशत, करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका

लगातार हो रही छापेमारियों से जिले के मीट कारोबारियों में दहशत का माहौल है। सूत्रों का दावा है कि जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा।

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