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मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा ट्विस्ट: पीपीपी मोड में जाएगा 300 बेड अस्पताल, 10 को होगा बड़ा मंथन, जानिए क्या होंगे फायदे…

मंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए 300 बेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का मुद्दा मण्डलीय समीक्षा बैठक में केंद्र में रहा। मंगलवार को विकास भवन में हुई बैठक में कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी सख्त तेवर में नजर आए।

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बरेली। मंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए 300 बेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का मुद्दा मण्डलीय समीक्षा बैठक में केंद्र में रहा। मंगलवार को विकास भवन में हुई बैठक में कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी सख्त तेवर में नजर आए।

विभागवार प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि योजनाओं में ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां काम संतोषजनक मिला, वहां सराहना की गई, लेकिन सुस्ती और लापरवाही पर अधिकारियों से सीधे जवाब तलब किए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों की स्थिति, छात्रवृत्ति वितरण और बड़े निर्माण कार्यों की प्रगति पर विशेष फोकस रहा।

फार्मर रजिस्ट्री पर नाराजगी, तीन दिन में भुगतान का अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में कृषि विभाग की फार्मर रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी मिलने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई। भुगतान अटकने की बात सामने आने पर उन्होंने साफ कहा तीन दिन में सभी कर्मियों के खातों में पैसा पहुंचे। पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति का लंबित डाटा 9 फरवरी तक हर हाल में साफ करने को कहा गया, ताकि छात्रों के खातों में सीधे रकम भेजी जा सके। चेतावनी दी गई कि योजनाओं में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय होगी।

हर जिले में आर्थोपेडिक सर्जन की व्यवस्था होगी

मंडल में ट्रामा सेंटर और क्रिटिकल कॉरिडोर की योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बरेली और पीलीभीत में 10-10, जबकि बदायूं और शाहजहांपुर में 8-8 सेंटर प्रस्तावित हैं। हर जिले में कम से कम एक आर्थोपेडिक सर्जन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। ब्लैक स्पॉट्स पर एएलएस एंबुलेंस तैनात करने और अस्पतालों की सुविधाओं की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने को कहा गया। 300 बेडेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर चलाने के मुद्दे पर 10 फरवरी को विस्तृत बैठक बुलाई गई है।

बदायूं-दातागंज सड़क दुरुस्त करें, मुख्य मार्गों पर लगें साइनेज

बैठक में बदायूं-दातागंज मार्ग की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठा तो कमिश्नर ने तुरंत गड्ढे भरवाने के आदेश दिए। बहेड़ी, चौबारी, दातागंज समेत प्रमुख सड़कों पर पर्याप्त साइनेज लगाने को कहा गया, ताकि हादसों में कमी लाई जा सके। 200 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं—इज्जतनगर सैटेलाइट बस स्टेशन, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास और सेतु निर्माण—की भी समीक्षा हुई। निर्माण कार्यों में देरी पर तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

सुबह 10 से 12 बजे तक अफसर दफ्तर में रहें, जनसुनवाई से समझौता नहीं

आईजीआरएस और राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने साफ निर्देश दिया कि रोज सुबह 10 से 12 बजे तक सभी अधिकारी अपने दफ्तर में बैठकर जनसुनवाई करें। इस दौरान कोई बैठक न रखी जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन और लंबाई मापने की मशीनों की कमी दूर करने और प्रशिक्षण तय समय में पूरा कराने को भी कहा गया। बैठक में चारों जिलों के डीएम सहित मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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