
CG News: छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के हंसपुर गांव में रविवार रात जो हुआ, उसने प्रशासन की भूमिका और सत्ता के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित बॉक्साइट चोरी की सूचना पर कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन की गाड़ी से पहुंचे कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और उनके साथ मौजूद भाजपा युवा नेता अजय प्रताप सिंह उर्फ विक्की समेत अन्य लोगों ने 3 ग्रामीणों पर बेहरमी से डंडे बरसाए। इसमें एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोप है कि रात के अंधेरे में सरकारी गाड़ी और हथियारों के साथ पहुंचे अफसरों और उनके साथियों ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के पूछताछ के नाम पर मारपीट की। इससे रामनरेश राम की हालत बिगड़ गई, उसे चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। गांव में आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीण इसे सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रही दबाव और उगाही की कार्रवाई बता रहे हैं। पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर एसडीएम सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीधे लोगों घरों में घुस गए
ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे “छत्तीसगढ़ शासन, एसडीएम” लिखी बोलेरो और एक काली थार गांव में पहुंची। आरोप है कि अधिकारी और उनके साथ आए लोग सीधे घरों में घुस गए और भोला के बारे में पूछताछ करने लगे। उपसरपंच गीता देवी ने बताया कि उनके घर में सिर्फ महिलाएं और लड़कियां थीं, इसके बावजूद पुरुष अधिकारी हथियारों के साथ अंदर घुसे और तलाशी ली। इससे गांव में भय और आक्रोश फैल गया।
सड़क पर रोककर बेरहमी से पिटाई
घायल ग्रामीण अजीत और आकाश ने बताया कि वे खेतों से लौट रहे थे, तभी उन्हें रोककर डंडों और रॉड से पीटा गया। पूछताछ के नाम पर की गई इस हिंसा में रामनरेश की हालत गंभीर हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिटाई इतनी बेरहम थी कि रामनरेश बेहोश हो गया।
सरकारी गाड़ी में घुमाया गया, अस्पताल से पहले मौत
आरोप है कि हालत बिगड़ने पर रामनरेश को सरकारी गाड़ी में कुसमी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में अधिकारी कथित अवैध बॉक्साइट खदान के मुंशी भोला की तलाश में गांव में रुकते रहे। घायल ग्रामीण गाड़ी में ही पड़े रहे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामनरेश की मौत हो गई।
सुलगता सवाल: प्रशासनिक गुंडागर्दी या अवैध उगाही?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसडीएम रात में राजनीतिक पदाधिकारियों के साथ कथित जांच के लिए क्यों निकले। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बॉक्साइट खनन और परिवहन के नाम पर लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। बॉक्साइट चोरी की आड़ में दबाव बनाकर पैसे ऐंठे जाते रहे हैं।
तनाव के बीच पुलिस की कार्रवाई
सोमवार को कुसमी में दिनभर तनाव रहा। ग्रामीण अस्पताल और थाने के बाहर जुटे रहे। पुलिस ने एसडीएम करुण डहरिया, विक्की सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
17 Feb 2026 12:27 am
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