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Grahan 2026: मार्च में दिखाई देगा भारत का पहला ग्रहण, जानें यह ग्रहण कब और किस दिन दिखेगा

Grahan 2026: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास रहने वाला है। इस वर्ष कुल चार ग्रहण लगेंगे दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। इनमें से मार्च महीने में लगने वाला पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी बढ़ जाता है।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 17, 2026

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India First Grahan 2026|फोटो सोर्स- Freepik

Grahan 2026: साल 2026 में ग्रहणों की श्रृंखला की शुरुआत भले ही फरवरी में हो रही हो, लेकिन भारतवासियों के लिए पहला दृश्य ग्रहण मार्च में दिखाई देगा। 17 फरवरी को लगने वाला वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि भारत में दिखने वाला पहला ग्रहण कब और किस समय दिखाई देगा। आइए जानते हैं इसकी तारीख, दिन और पूरी टाइमिंग।

India Grahan 2026: भारत में पहला ग्रहण कब दिखाई देगा?

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा। यह एक खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। खास बात यह है कि इसी दिन होलिका दहन भी किया जाएगा, जिसके कारण इस ग्रहण को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता है।

चंद्र ग्रहण का समय क्या रहेगा?

3 मार्च 2026 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का समय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण सूर्यास्त के आसपास दिखाई देगा, इसलिए भारत के कुछ क्षेत्रों में इसका दृश्य अपेक्षाकृत अधिक स्पष्ट और प्रभावी रूप से देखा जा सकेगा।

सूतक काल कब से शुरू होगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। ऐसे में 3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल सुबह करीब 6 बजकर 20 मिनट से मान्य माना जाएगा। इस अवधि के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और विवाह, पूजन जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

खगोलीय दृष्टि से क्यों खास है यह वर्ष?

साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण फरवरी और अगस्त में होंगे, लेकिन ये भारत में दिखाई नहीं देंगे। वहीं दो चंद्र ग्रहण भी लगेंगे, जिनमें से मार्च का चंद्र ग्रहण भारत में देखा जा सकेगा। खास बात यह है कि मार्च का यह चंद्र ग्रहण होली के पर्व के आसपास पड़ रहा है, जिससे लोगों के मन में यह उत्सुकता बढ़ गई है कि होलिका दहन और ग्रहण का समय किस तरह समन्वित होगा और इसका धार्मिक प्रभाव क्या रहेगा।

क्या होली पर पड़ेगा असर?

3 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और उसके अगले दिन रंगों वाली होली मनाई जाएगी। चूंकि ग्रहण शाम तक रहेगा, इसलिए होलिका दहन का समय ग्रहण समाप्ति के बाद निर्धारित किया जा सकता है।