
Today Panchang 8 March : आज का पंचांग 8 मार्च 2026
Today Panchang 8 March 2026 (Sunday) : आज का पंचांग 8 मार्च 2026, रविवार हिंदू पंचांग के अनुसार कई महत्वपूर्ण योग और पर्व लेकर आया है। आज रंग पंचमी, श्री जयंती और विश्व महिला दिवस मनाया जा रहा है। आज की तिथि पंचमी, स्वाती नक्षत्र, तथा दिन में शुभ चौघड़िया के समय शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं। इसके साथ ही राहु काल, दिशा शूल, ग्रह परिवर्तन और आने वाले सप्ताह के प्रमुख व्रत-त्योहारों की जानकारी भी इस पंचांग में दी गई है। यदि आप आज किसी नए कार्य, यात्रा या धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए उपयोगी मार्गदर्शिका साबित हो सकता है। (Aaj ka Panchang 8 March 2026)
| क्रम | पंचांग विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 18 रमजान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | बसंत ऋतु |
| 8 | मास | चैत्र |
| 9 | पक्ष | कृष्ण |
आज दिन में चर का चौघड़िया 8.16 से 9.43 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.43 से 12.38 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.05 से 3.33 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – पंचमी तिथि रात्रि 9.12 तक होगी तदुपरान्त षष्ठी तिथि होगी ।
नक्षत्र – स्वाती नक्षत्र दिन 1.32 तक होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा ।
योग – ध्रुव योग प्रातः 7.04 तक रहेगा तदुपरान्त व्याघात योग रहेगा ।
करण – कौलव करण दिन 8.15 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
विशिष्ट योग – स्वाती नक्षत्र में नवीन मशीनरी के शुभारम्भ व वाहन क्रय का मुहूर्त, स्वाती नक्षत्र में प्रसूती स्नान व शल्य चिकित्सा मुहूर्त
व्रत / दिवस विशेष – रंग पंचमी, श्री जयंती, मेला गुरु रामराय देहरादून (उत्तराखण्ड), विश्व माहिला दिवस
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तुला राशि में होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शनि अस्त पश्चिम में दिन 9-35 पर,
| तिथि | दिन | मुख्य घटनाएँ / व्रत | योग / विशेष समय | अन्य विवरण |
|---|---|---|---|---|
| 9.03.2026 | सोमवार | श्री एकनाथ षष्ठी, श्री वनचंद्र जयंती | भद्रा रात्रि 11:28 से, यमघंट व कुमारयोग सूर्योदय–सायं 4:12, सर्वार्थसिद्धि योग सायं 4:12–सूर्योदय, रवियोग सायं 4:12 से प्रारंभ | विवाह मुहूर्त अनूराधा नक्षत्र में |
| 10.03.2026 | मंगलवार | रांधा पुआ | भद्रा दिन 12:41 तक, राजयोग सूर्योदय–सायं 7:05, रवियोग सायं 7:05 तक | बुध वक्री शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में प्रवेश प्रातः 7:58, गंडमूल प्रारंभ रात्रि 7:05 से, विवाह मुहूर्त अनूराधा नक्षत्र में |
| 11.03.2026 | बुधवार | शीतला माता पूजन, बास्योड़ा, श्री प्रेमभाया महोत्सव, कालाष्टमी, ऋषभदेव जयंती, वर्षीतप प्रारंभ (जैन) | यमघंट योग रात्रि 10:00–सूर्योदय, गंडमूल संपूर्ण दिन-रात | गुरु मार्गी दिन 9:00, मेला शील की डूंगरी (चाकसू, जयपुर), मेला केसरिया मेवाड़, विवाह मुहूर्त मूल नक्षत्र में |
| 12.03.2026 | गुरुवार | भगवान आदिनाथ जयंती, तप कल्याणक दिवस (जैन) | गंडमूल रात्रि 12:44 तक | मूल नक्षत्र (धनु राशि) में सगाई व टीका का मुहूर्त |
| 13.03.2026 | शुक्रवार | दशामाता व्रत, व्यतिपात पुण्य | भद्रा रात्रि 7:20 से | पूर्वाषाढा नक्षत्र (धनु राशि) में सगाई व टीका का मुहूर्त, कूप/बोरिंग खोदने का मुहूर्त |
| 14.03.2026 | शनिवार | चैत्र संक्रांति | भद्रा दिन 8:11 तक, सर्वार्थसिद्धि योग अंतरात्रि 4:49–सूर्योदय | सूर्य का मीन राशि में प्रवेश रात्रि 1:03, संक्रांति पुण्यकाल अगले दिन, बुध उदय दिन 12:26, उत्तराषाढा नक्षत्र में व्यापार प्रारम्भ व राजकीय पदभार मुहूर्त |
| 15.03.2026 | रविवार | पापमोचनी एकादशी व्रत, विश्व उपभोक्ता दिवस | द्विपुष्कर व राजयोग अंतरात्रि 5:56–सूर्योदय | शुक्र का रेवती नक्षत्र में प्रवेश दिन 10:39, संक्रांति पुण्यकाल पूर्वाह्न, मीन मल मास प्रारंभ |
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी ।
आज दिन 1.32 तक जन्म लेने वाले बच्चों का स्वाती नक्षत्र होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा ।
आज दिन 1.32 तक जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा तदुपरान्त ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर रो, ता, ती, तु, ते पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। जातक को देश-विदेशों में अनेक स्थानों पर भृमण करने के अवसर प्राप्त होते हैं। जातक बुद्धिमान, तर्कशील, साबधान एवं सर्तक रहने वाला, मध्यस्थता एवं न्याय करने में कुशल, विपरीत योनि के प्रति झुकाव रखता हैं। इनको हीरा अथवा श्वेत कपड़े पसंद होते हैं।
Published on:
07 Mar 2026 03:38 pm
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