28 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Panchang: आज का पंचांग 27 फरवरी 2026: आंवला एकादशी व्रत, जानिए राहुकाल और शुभ चौघड़िया

Aaj ka Panchang 27 February 2026 : आज का पंचांग 27 फरवरी 2026, शुक्रवार: जानें एकादशी तिथि, आर्द्रा व पुनर्वसु नक्षत्र, आयुष्मान व सौभाग्य योग, राहुकाल (10:30–12:00), दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, आँवला एकादशी व रंगभरी ग्यारस व्रत, चन्द्र राशि परिवर्तन व जन्म राशिफल की पूरी जानकारी।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

image

Pandit Mukesh Bhardwaj

Feb 26, 2026

Aaj ka Panchang 27 February

Aaj ka Panchang 27 February : आज का पंचांग 27 फरवरी 2026, शुक्रवार (फोटो सोर्स: Patrika)

Aaj ka Panchang 27 February 2026: आज का पंचांग 27 फरवरी 2026, शुक्रवार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है, जिसे आंवला एकादशी और रंगभरी ग्यारस के रूप में मनाया जाता है। दिन में आयुष्मान योग और सर्वार्थसिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जो नए कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माने गए हैं। राहुकाल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, चन्द्र राशि परिवर्तन और आज जन्म लेने वाले बच्चों के नामाक्षर तक की सम्पूर्ण जानकारी यहां विस्तार से दी जा रही है।

आज का पंचांग शुक्रवार, 27 फरवरी, 2026 | Aaj ka Panchang 27 February 2026

क्रम संख्याविवरणमान (Value)
1विक्रम संवत्2082
2संवत्सर नामसिद्धार्थ
3शक संवत्1947
4हिजरी सन्1447
5मुस्लिम मास9 रमजान
6अयनउत्तरायण
7ऋतुबसंत ऋतु
8मासफाल्गुन
9पक्षशुक्ल पक्ष

आज का चौघड़िया | Aaj ka Choghadiya

आज चर का चौघड़िया सूर्योदय से 8.23 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 8.23 से 11.14 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 12.40 से 2.05 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 4.57 से सूर्यास्त तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी, खीर या दूध व चावल से बने खाने का सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 10.30 से 12.00 तक रहेगा

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो दूध या दूध से बनी चीजों का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – एकादशी तिथि रात्रि 10.33 तक होगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी ।

नक्षत्र – आर्द्रा नक्षत्र दिन 10.49 तक होगा तदुपरान्त पुनर्वसु नक्षत्र होगा ।

योग – आयुष्मान योग रात्रि 7.44 तक रहेगा तदुपरान्त सौभाग्य योग रहेगा ।

करण – वणिज करण दिन 11.33 तक रहेगा तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

आज के विशिष्ट योग

रवियोग दिन 10-49 तक, कुमारयोग दिन 10-49 से रात्रि 10-33 तक. सर्वार्थसिद्धि योग दिन 10-49 से सूर्योदय तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 11-33 से रात्रि 10-33 तक, आँवला एकादशी व्रत, रंगभरी ग्यारस, मुख्य मेला श्याम बाबा खाट्र (राज.),.

चन्द्रमा – आज रात्रि 3.52 तक मिथुन राशि में होगा तदुपरान्त कर्क राशि में प्रवेश होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन-बुध अस्त पश्चिम में रात्रि 3-59 पर

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 3.52 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मिथुन होगी तदुपरान्त कर्क राशि होगी ।
आज दिन 10.49 तक जन्म लेने वाले बच्चों का आर्द्रा नक्षत्र होगा तदुपरान्त पुनर्वसु नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर छ, के, को, ह, ही पर रखे जा सकते हैं।

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं. मिथुन राशि में जन्मे बच्चे बुद्धिमान, कुशल व्यापारी, गणितज्ञ, चतुर, निडर, अच्छे वक्ता, त्वरित बुद्धि वाले, कलाकार, आत्म केन्द्रित होते हैं. ये पढ़ाई में अच्छे होते हैं और लेखक, कविताकार और बौद्धिक कार्य करने वाले होते हैं। इनका नरम स्वभाव होने के कारण कमजोर भी समझा जाता हैं, परन्तु तीक्ष्ण बुद्धि तथा तर्क-वितर्क करने में कुशल होते हैं। क्रय-विक्रय, लेखन-पत्र कार्य, एकाउंट्स, बैंकिंग एवं तकनीकी कार्यो में विशेष सफल होते हैं। ये बोलने में चतुर, विभिन्न भाषाओं को समझने में चतुर होते हैं.

कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं. यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं. ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं.