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Aaj Ka Panchang 1 March 2026: रविपुष्य योग, प्रदोष व्रत, राहु काल समय, पुष्य नक्षत्र व कर्क राशि जन्मफल

Aaj ka Panchang 1 March 2026 : आज का पंचांग 1 मार्च 2026: रविपुष्य योग, प्रदोष व्रत, राहु काल, चौघड़िया, पुष्य नक्षत्र, कर्क राशि जन्मफल और शुक्र गोचर मीन राशि में प्रवेश की पूरी जानकारी।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Pandit Mukesh Bhardwaj

Feb 28, 2026

Aaj ka Panchang 1 March 2026 :

Aaj ka Panchang 1 March 2026 : आज का पंचांग 1 मार्च 2026,

Aaj ka Panchang 1 March 2026 : आज रविवार, 1 मार्च 2026 का पंचांग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आज रविपुष्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र प्रातः 8:34 तक प्रभावी रहेगा, वहीं चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन कर्क राशि में स्थित रहेंगे। राहु काल सायं 4:30 से 6:00 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय में शुभ कार्यों से परहेज करें। साथ ही शुक्र का मीन राशि में प्रवेश भी आज के दिन को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष बना रहा है।

आज का पंचांग रविवार, 1 मार्च, 2026

  • विक्रम संवत् 2082
  • संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
  • शक संवत् – 1947
  • हिजरी सन् – 1447
  • मु. मास – 11 रमजान
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – बसंत ऋतु
  • मास – फाल्गुन
  • पक्ष – शुक्ल

आज का चौघड़िया

आज दिन में चर का चौघड़िया 8.21 से 9.47 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.47 से 12.39 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.05 से 3.31 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – त्रयोदशी तिथि रात्रि 7.10 तक होगी तदुपरान्त चतुर्दशी तिथि होगी ।

नक्षत्र – पुष्य नक्षत्र दिन 8.34 तक होगा तदुपरान्त अश्लेषा नक्षत्र होगा ।
योग – शोभन योग दिन 2.33 तक रहेगा तदुपरान्त अतिगंड योग रहेगा ।
करण – कौलव करण प्रातः 7.57 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रविपुष्य योग, सर्वार्थसिद्धि व रविपुष्य योग सूर्योदय से प्रातः 8-34 तक, रवियोग प्रातः 3-34 से प्रारम्भ,

व्रत / दिवस विशेष – प्रदोष व्रत, गंडमूल प्रारम्भ दिन 8-34 से, प्रसूति स्नान मुहूर्त अश्लेषा नक्षत्र में, शल्य मुहूर्त पुष्य नक्षत्र में

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कर्क राशि में होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र मीन राशि में प्रवेश रात्रि 12.57 पर,

सप्ताह के व्रत-त्यौहार / दिवस विशेष

दिनांकवारप्रमुख विवरण / पर्व / योग
2.03.2026सोमवारभद्रा सायं 5:56 से रात्रि 5:32 तकचांद्र पूर्णिमा व्रतहोलिका दहन मुहूर्त: रात्रि 1:26 से 2:38 (भद्रा पुच्छ)हुताशिनी पूर्णिमामाघी मासम् (दक्षिण भारत)गंडमूल संपूर्ण दिन-रात्रिरवियोग: सूर्योदय से प्रातः 7:52 तक
3.03.2026मंगलवारमंगल का शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 10:54सत्यव्रतधूलण्डी / छारेण्डीगणगौर पूजा प्रारंभमन्वादिहोलाष्टक व अष्टाह्निका महापर्व समाप्त (जयन)श्री चैतन्य महाप्रभु जयंतीग्रस्तोदय खग्रास व खण्डप्रास चन्द्रग्रहण (भारत में दृश्य)सूतक सूर्योदय से प्रारम्भगंडमूल प्रातः 7:32 तकराजयोग: प्रातः 7:32 से सायं 5:08 तक
4.03.2026बुधवारसूर्य का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 12:54शुक्र का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश सायं 5:10बसंतोत्सव प्रारंभमेला बादशाह व फूलडोल – ब्यावर (राजस्थान)होला मेला – आनंदपुर साहिब (पंजाब)ग्रहण वेध
5.03.2026गुरुवारभद्रा अंतरात्रि 5:29 से प्रारम्भभाई दोज व कलमदान पूजा (देशाचार से)चित्रगुप्त पूजासंत तुकाराम जयंतीग्रहण वेधमहापात योग: दिन 3:03 से रात्रि 7:05 तक
6.03.2026शुक्रवारभद्रा सायं 5:54 तककल्पादिचतुर्थी व्रतचंद्रोदय (जयपुर) रात्रि 9:19ग्रहण वेधराजयोग: दिन 9:30 से सायं 5:54 तक
7.03.2026शनिवारपं. गोविन्द बल्लभ पंत पुण्य दिवससर्वार्थसिद्धि योग: दिन 11:16 से सूर्योदय तक
8.03.2026रविवारशनि अस्त (पश्चिम) दिन 9:35रंग पंचमीश्री जयंतीमेला गुरु रामराय – देहरादून (उत्तराखण्ड)विश्व महिला दिवस

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी ।
आज दिन 8.34 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पुष्य नक्षत्र होगा तदुपरान्त अश्लेषा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर डा, डी, डू, डे, डो पर रखे जा सकते हैं।

कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं. यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं. ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं. ये प्राकृतिक सौंदर्य, कला-संगीत व् साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं तथा सौंदर्यानुभूति भी विशेष रूप से रखते हैं। ऐसा जातक परिस्थितियों के अनुसार ढ़ल जाने वाला, प्यार सम्बन्धो में सच्चा, ईमानदार और सहृदय-दयालु प्रकृति का होता हैं। ऐसा जातक दिल से जिस काम को करना चाहे कर ही लेता हैं। इनके आय के साधन एक से अधिक होते हैं। इनकी कल्पना शक्ति प्रबल होती हैं। अन्य पुरुष के भावो को शीघ्र समझ लेने की विशेष क्षमता होती हैं।