US Action Against Drugs Trafficking: ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमेरिकी सेना का अभियान जारी है। एक बार फिर अमेरिकी सेना ने ड्रग्स से लदी नाव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मिसाइल दागी है।
ड्रग्स तस्करी (Drugs Trafficking) के खिलाफ अमेरिका (United States Of America) का अभियान जारी है। एक बार फिर अमेरिकी सेना ने ड्रग्स से लदी नाव के खिलाफ कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन (Francis Donovan) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने 29 मई को पैसिफिक सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी एक नाव को निशाना बनाया। जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने नाव पर मिसाइल दागते हुए इसे तबाह कर दिया है। साउथर्न कमांड यूनिट ने इस घटना के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है।
अमेरिकी सेना के इस मिसाइल स्ट्राइक से ड्रग्स से लदी नाव के परखच्चे उड़ गए और सभी ड्रग्स पानी में बह गए। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई। साउथर्न कमांड के अनुसार मारे गए तीनों लोग नार्को-आतंकी थे।
ड्रग्स से लदी नाव को मिसाइल से तबाह करने के दौरान कोई भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। साउथर्न कमांड ने इसकी पुष्टि की है।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ड्रग्स के खिलाफ उनका रुख काफी सख्त रहा है। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही वह साफ कर चुके हैं कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। अमेरिकी सेना अक्सर ही ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र और कैरेबियन सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी नावों को निशाना बनाती है। अमेरिकी सेना ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अपने अभियान के तहत अब तक 50 से ज़्यादा हमले कर चुकी है। इन हमलों में करीब 190 लोगों की मौत हो चुकी है, जिन्हें अमेरिका ने नार्को-आतंकी घोषित किया है।
अमेरिका में पिछले कुछ सालों में ड्रग्स तस्करी के बढ़ने की वजह से कई युवा नशे के जाल में फंस रहे हैं। देश में ड्रग्स की बढ़ती लत चिंता का विषय है। अमेरिका में फेंटानिल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स से प्रतिदिन सैकड़ों मौतें हो रही हैं। 2024-25 में ड्रग्स ओवरडोज़ से 1 लाख से ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं। ड्रग्स की बढ़ती लत अमेरिका में परिवारों को तोड़ रही है, अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है और समाज को अस्थिर कर रही है।