# विदिशा

MP के इस जिले सपना होगा सच, 4000 करोड़ में बनेगी रिंगरोड, DPR हो रहा तैयार

Ring Road construction: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा के बाद कार्यान्वयन शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अभी तैयार की जा रही है।

2 min read
Ring Road construction will be done in 4000 crores (फोटो- Freepik)

MP news: मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में बढ़ते ट्रैफिक के मद्देजनर महसूस हो रही रिंगरोड की जरूरत हाइवे से पूरी होगी। उत्तरी बायपास हाईवे रिंगरोड का सपना साकार करेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मांग और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा पर अमल शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से नए हाइवे के रूट को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही तय रूट के आधार पर डीपीआर तैयार करायी जाएगी। पूरी उम्मीद है कि दक्षिणी बायपास का कार्य पूर्ण होने के साथ ही उत्तरी बायपास का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

शहर के चारों तरफ होगा हाइवे

वर्तमान में विदिशा शहर के पूर्व, पश्चिम व दक्षिण दिशा को विदिशा अशोकनगर और विदिशा-सागर हाइवे कवर कर रहा है। वर्तमान में उत्तर दिशा में फोरलेन हाइवे के निर्माण की कवायद शुरू की गई है। यह हाईवे अशोकनगर व सागर जाने वाले हाईवे को जोड़ेगा। इस तरह शहर के चारों ओर फोरलेन हाईवे तैयार हो जाएगा, जो एक रिंगरोड का कार्य करेगा। रिंगरोड के जरिए ऐसे वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिन्हें दूसरे जिलों में जाना है। इस स्थिति में शहर पर यातायात का दबाव कम होगा। भविष्य में आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद भी शहरवासियों को यातायात की समस्या से दोचार नहीं होना पड़ेगा।

नए बायपास के लिए 4 हजार करोड़ की जरूरत

शहर के नए यानी उत्तरी बायपास के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपए के बजट की जरूरत पड़ेगी। केंद्रीय मंत्री ने बजट के स्वीकृति को हरी झंडी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार हाइवे का एलाइनमेंट निर्धारित करने के साथ डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डीपीआर तैयार होते हुए नए हाईवे का प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति के मद्देनजर भेज दिया जाएगा।

शहर के चारों तरफ हाईवे से मिलेगी ये राहत

  • क्षेत्रीय और अंतर-जिले की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी।
  • माल दुलाई वाले वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो।
  • सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
  • पूर्वी मप्र व उम्र से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
  • व्यापार, पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिले।
  • क्षेत्रीय विकास व सामाजिक-आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा।

एलाइनमेंट और डीपीआर को लेकर कार्य जारी

उत्तरी बायपास को लेकर प्रक्रिया शुरू कर ली गई है। अभी वक्त लगेगा, लेकिन हाईव निर्माण को लेकर प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति मिलना तय है। अभी एलाइनमेंट और डीपीआर को लेकर कार्य किया जा रहा है।- सिद्धांत सिंघई, परियोजना (MP news)