Main Door Doormat Vastu Tips: क्या आपके घर में भी लगातार पैसों की तंगी बनी रहती है या बिना बात के कलेश होता है? मुमकिन है कि आपके घर के मुख्य द्वार पर बिछा पायदान (Doormat) ही आपकी बदहाली की वजह हो। जानिए क्या कहते हैं वास्तु के नियम।
Main Door Doormat Vastu Tips: अकसर लोग अपने आशियाने को खूबसूरत बनाने के लिए महंगे सोफे, कीमती पेंटिंग्स और आलीशान शो-पीस पर खूब पैसा खर्च करते हैं। लेकिन इस सजावट के चक्कर में हम घर के मुख्य द्वार पर रखी एक बेहद साधारण सी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं, जो वास्तव में घर के माहौल और तरक्की पर बड़ा असर डाल सकती है। यह चीज हैदरवाजे पर रखा एक साधारण सा पायदान (डोरमैट)।
ज्यादातर लोग डोरमैट का इस्तेमाल सिर्फ पैरों की धूल-मिट्टी साफ करने और गंदगी को अंदर आने से रोकने के लिए करते हैं। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, डोरमैट का महत्व इससे कहीं ज्यादा है। यह घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिविटी) को प्रवेश द्वार पर ही रोक लेता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चलिए जानते हैं वास्तु विशेषज्ञ सुरेश कुमार शर्मा से कि डोरमैट से जुड़ी कौन-कौन सी गलतियां आप पर भारी पड़ सकती हैं और कैसे एक सही पायदान आपके घर की सुख-समृद्धि और उन्नति के मार्ग खोल सकता है।
वास्तु विज्ञान कहता है कि घर के मुख्य दरवाजे पर हमेशा आयताकार डोरमैट (Doormat) होना चाहिए। गोल या टेढ़े-मेढ़े आकार के पायदान घर की ऊर्जा को बैलेंस नहीं कर पाते। आयताकार पायदान को स्थिरता और पूर्णता का प्रतीक माना गया है, और इससे घर के लोग सिर्फ आगे बढ़ते हैं, बल्कि रिश्तों में गर्माहट भी बनी रहती है।
उत्तर दिशा (North): इस दिशा के स्वामी धन के देवता कुबेर हैं। यहां हमेशा हल्के नीले रंग का डोरमैट बिछाना चाहिए। यह रंग धन के आगमन के नए रास्ते खोलता है।
उत्तर-पूर्व दिशा (North-East): इसे ईशान कोण भी कहते हैं। यहां हल्के पीले रंग का पायदान रखने से घर के सदस्यों की बुद्धि तेज होती है और लगातार उन्नति होती है।
पूर्व दिशा (East): यह सूर्य देव की दिशा है। यहां से सकारात्मक ऊर्जा और प्रकाश घर में प्रवेश करता है। इस दिशा में नीला, हरा और काला रंग छोड़कर कोई भी हल्का रंग चुना जा सकता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East): यह अग्नि कोण है। यहां हमेशा लाल रंग के डोरमैट का प्रयोग करना चाहिए। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और तरक्की के द्वार खुलते हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिशा (South-West): इस दिशा में स्थिरता के लिए हल्के पीले या क्रीम रंग का डोरमैट सबसे उत्तम और लाभकारी माना गया है।
उत्तर-पश्चिम दिशा (North-West): इसे वायव्य कोण कहते हैं। यहां हल्के नीले या पीले रंग का डोरमैट लगाने से घर में खुशियों का माहौल बना रहता है और मानसिक तनाव दूर होता है।
एक आसान ट्रिक: अगर मुमकिन हो तो अपने डोरमैट के नीचे सेंधा नमक या कपूर की छोटी-सी पोटली छिपा दें। ये किसी भी तरह की बुरी नजर या नकारात्मकता को चुपचाप सोख लेता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।