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भारत, May 11, 2026

मुनि सुधाकर के Vastu Tips: नल टपकने और दक्षिण दिशा में घड़ी रखने से बढ़ सकता है तनाव और धन हानि

Muni Sudhakar Vastu Tips : जयपुर में आयोजित जैन वास्तु सेमिनार में मुनि सुधाकर ने बताया कि नल का टपकना, दक्षिण दिशा में घड़ी रखना और वास्तु दोष परिवार में अशांति, तनाव और धन हानि का कारण बन सकते हैं। जानें जैन वास्तु के महत्वपूर्ण उपाय।

Muni Sudhakar Vastu Tips

Muni Sudhakar Vastu Tips

Muni Sudhakar Vastu Tips : जयपुर में आयोजित ‘सुखी परिवार में जैन वास्तु और मंत्रों की भूमिका’ विषयक विशेष सेमिनार में मुनि सुधाकर ने जैन वास्तु के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि घर में छोटी-छोटी वास्तु संबंधी गलतियां, जैसे नल का लगातार टपकना या दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना, परिवार में तनाव, अशांति और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती हैं। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने सुखी और समृद्ध जीवन से जुड़े अनेक उपयोगी उपायों को जाना।

मुनि ने कहा कि जैन आगमों में वास्तु का अत्यंत वैज्ञानिक विवेचन मिलता है। उन्होंने जैन आगमों के प्रमाणों के साथ बताया कि वास्तु की भूमिका भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें द्रव्य, क्षेत्र, काल और भाव का समुचित ध्यान रखना भी अनिवार्य है। जैन ज्योतिष और वास्तु के आधार पर व्यक्ति स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन जी सकता है। मुनि ने समझाया कि वास्तु विद्या का गहरा संबंध दसों दिशाओं तथा पंचतत्व—जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु और आकाश से है।

दक्षिण दिशा में रखी घड़ी को हटा दें

वास्तु अनुसार, दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है, इसलिए इस तरफ घर में घड़ी लगाने से बचना चाहिए। लोग मानते हैं कि ऐसा करने से घर में अशुभ चीजें आती हैं और रोजमर्रा के काम भी अटक जाते हैं। कई बार तो घर के मुखिया की सेहत भी खराब रहने लगती है, वो बार-बार बीमार पड़ते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि घड़ी को घर के दरवाजे पर भी नहीं लगाना चाहिए, वरना घर के लोग तनाव में रहते हैं।

मुनि सुधाकर ने वास्तु के उपाय भी बताए

उन्होंने कहा कि नल के टपकने से परिवार में अशांति के साथ ही सम्पत्ति का नाश होता है। इसे जल्दी ठीक कराएं। दक्षिण दिशा में घड़ी रखने से परिवार में तनाव होता है। इसे हटा दें। घर में कुबेर कोण को वजनदार रखें। इससे जिन्दगी प्रभावशाली होगी। घर का दक्षिण हिस्सा नीचा हो तो परिवार की महिलाएं अस्वस्थ रहेंगी। आग्नेय कोण में शयन कक्ष होने पर गुस्सा और चिड़चिड़ापन होगा।

मुनीश्वरनाथ भंडारी ने कहा कि जैन धर्म हमें जीने की श्रेष्ठ कला सिखाता है। कार्यक्रम में मुनि नरेश कुमार ने भी विचार रखे। संघ के मंत्री नितिन दुगड़ ने बताया कि परिषद अध्यक्ष रवि छाजेड़ व मंत्री शरद बरड़िया भी मौजूद रहे।

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