# सूरत

20 हजार की रिश्वत लेते रजिस्ट्रार ऑफिस के तीन कर्मचारी पकड़े गए

रिश्वत की पूरी राशि मौके से बरामद

less than 1 minute read
MP Doctors Taking Commissions on Tests Conducted at Private Pathology Labs

सूरत. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला रजिस्ट्रार सहकारी मंडली कार्यालय से जुड़े तीन कर्मचारियों को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपियों ने सहकारी मंडली के पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

सहकारी मंडली के पंजीकरण प्रमाणपत्र के बदले मांगी थी घूस

जानकारी के अनुसार, एक जागरूक नागरिक ने सहकारी मंडली के पंजीयन के लिए सूरत जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन किया था। प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए ऑडिटर ग्रेड-2 घुघाभाई गोहिल ने पहले 25 हजार की रिश्वत मांगी। बाद में कार्यालय के सेवानिवृत्त ऑफिस सुपरिटेंडेंट वारीस शेख से बातचीत के बाद सौदेबाजी करते हुए रिश्वत की राशि 20 हजार तय की गई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। रिश्वत के संदर्भ में पीडि़त और आरोपी की बातचीत के बाद एसीबी ने अडाजण गुजरात गैस सर्कल स्थित विजय डेरी के पास जाल बिछाया। आरोपी वारीस शेख ने रिश्वत लेने के लिए आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर कल्पेश चौधरी को भेजा। विजय डेयरी के सामने शिकायतकर्ता से रुपए लेते ही कल्पेश को एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ लिया। बाद में घुघाभाई गोहिल और वारीस शेख भी पकड़ लिए गए। तीनों आरोपियों ने एक-दूसरे की मिलीभगत से रिश्वत की मांग और स्वीकार करने की साजिश रची थी। रिश्वत की पूरी राशि मौके से बरामद कर ली गई है।