29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सूरत, May 24, 2026

पुरुषोत्तम मास: सूरत में भागवत कथा और धार्मिक आयोजनों से गूंजा वातावरण

Surat Bhagwat Katha: सूरत में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के अवसर पर शहर भर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

Bhagwat Katha

Bhagwat Katha (Representative image - IANS)

Purushottam Maas: अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास के अवसर पर धर्मनगरी सूरत में भागवत भक्ति का धार्मिक माहौल छाया हुआ है। शहर भर में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की भावना को प्रोत्साहित करने वाली श्रीमद् भागवत कथाओं का सिलसिला जोरों पर है। कथा वाचकों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गान कर भक्तिमय वातावरण सृजित किया जा रहा है। इस मौके पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी जुड़े हुए हैं। कई संगठन भोजन वितरण, रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण संबंधी कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं।

'सुदामा 12 गुण संपन्न ब्राह्मण थे’

श्रीरामायण प्रचार मंडल की ओर से उधना के आशानगर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को व्यासपीठ से संदीप महाराज ने वृतांत सुनाते हुए भगवान के सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया। सुदामा चरित्र के वर्णन में बताया कि सुदामा 12 गुणों से सम्पन्न ब्राह्मण थे। सुदामा और कृष्ण बचपन के मित्र थे। चार चने के दाने चोरी के ज्यादा खाने से सुदामा को गरीबी देखनी पड़ी थी। महाराज ने दत्तात्रेय के चौबीस गुरुओं व नव योगेश्वर संवाद का वर्णन किया। अंत में शुकदेवजी ने राजा परीक्षित से पूछा कि राजा क्या तुम मरोगे, राजा परीक्षित ने कहा गुरुदेव सात दिन तक भागवत कथा श्रवण किया। गुरुदेव शरीर मरता है, आत्मा कभी नहीं मरती है। जैसे नदियों में गंगा श्रेष्ठ है, वैसे ही पुराणों में श्रीमद् भागवत महापुराण श्रेष्ठ है। जैसे क्षेत्रों में काशी श्रेष्ठ है, वैसे ही भागवत श्रेष्ठ है।

लोकतंत्र का राजा होना एक बड़ी जिम्मेदारी: संत मूलदास बापू

श्री कुरुक्षेत्र श्मशान ट्रस्ट की ओर से जहांगीरपुरा में तापी नदी के कुरुक्षेत्र घाट पर आयोजित अधिक मास कार्यक्रम में राममढ़ी आश्रम के संत मूलदास बापू की उपस्थिति में, संत हंसमुनि बापू ने पंच निष्ठा के राजाओं की कहानियों में से लोकतंत्र के राजा पर एक कहानी सुनाई। इसमें भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेवराज, सुभाषचंद्र बोस आदि शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सच्चे लोकतंत्र का राजा बताया। बापू ने बताया कि लोकतंत्र का अर्थ है जनता के दिलों में राज करना, जनता के लिए शासन करना, जनता का काम करना और वोट प्राप्त करके सत्ता हासिल करना। कार्यक्रम में मनपा अधिकारी महेश चावड़ा, पूर्व उपायुक्त सीवाई भट्ट समेत अन्य कई मौजूद थे।

कथा में श्रद्धालुओं की उमड़ी भी़ड़

डिंडोली में योगी ग्राउंड एम्पायर एस्टेट बिल्डिंग के पास आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सातवें दिन शनिवार को कथावाचक सतीश झा ने बताया कि भागवत का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाता है। इससे मन को शांति, जीवन को सही दिशा तथा भगवान के प्रति भक्ति की भावना प्राप्त होती है। कथा श्रवण से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा पूर्णाहुति के बाद रविवार को भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

शांतम हॉल में भागवत कथा श्रवण

श्रीकेड सती महिला मंडल की ओर से पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष में वेसू केनाल रोड स्थित शांतम हॉल में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा की सातवें दिन शनिवार को व्यासपीठ से रविकांत शास्त्री ने सुदामा चरित्र समेत अन्य प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाए। इस अवसर पर विभिन्न प्रसंग की झांकियां भी सजाई गई।

भागवत कथा की शुरुआत आज से

पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष में परवत पाटिया स्थित माहेश्वरी लग्जरिया में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन रविवार से किया जाएगा। सात दिवसीय कथा महोत्सव में व्यासपीठ से संत दिग्विजयराम महाराज (रामद्वारा, चितौड़गढ़) श्रोताओं को कथा का रसपान करवाएंगे। कथा प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगी। इस मौके पर कलश शोभायात्रा रविवार सुबह 7 बजे सीताराम सोसायटी-2 के श्रीचारभुजानाथ मंदिर से कथास्थल तक जाएगी।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें