Bastar weather news: सुकमा जिले में गुरुवार शाम अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई पेड़ गिर गए, मकानों की छतें उड़ गईं और NH-30 पर यातायात घंटों बाधित रहा।
Chhattisgarh weather update: सुकमा जिले में गुरुवार शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचा दी। तेज हवाओं और बारिश के साथ आए तूफान से जिलेभर में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जबकि ग्रामीण इलाकों में अनेक मकानों की छतें उड़ गईं। कई परिवारों को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी।
तोंगपाल से कोंटा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सडक़ पर पेड़ गिरने के कारण घंटों लंबा जाम लगा रहा और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से पेड़ों को हटाने का कार्य देर शाम तक जारी रहा, जिसके बाद धीरे-धीरे आवागमन बहाल हो सका।
आंधी-तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। जिले के कई इलाकों में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने मरम्मत कार्य शुरू किया, लेकिन देर रात तक कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण कई घरों की टीन और एस्बेस्टस की छतें उड़ गईं। अचानक आए तूफान से लोग संभल भी नहीं पाए और घरों में रखा सामान भी भीगकर खराब हो गया। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग की है।
तेज आंधी और बारिश से जिले की कृषि फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। विशेष रूप से केले और मक्का की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में केले के पेड़ गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान अब प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार तूफान इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में कई पेड़ सडक़ और घरों पर गिर गए। प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक तौर पर लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।