राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आज प्रदेश के 30 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आज प्रदेश के 30 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और अंधड़ के कारण तापमान में 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिन तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। शुक्रवार को चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं और करौली समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों और खुले में रखी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
झुंझुनूं जिले के मलसीसर क्षेत्र में सबसे अधिक 43 मिमी यानी करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। दौसा जिले में तेज अंधड़ के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान तेजी से नीचे आया। अलवर में अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस गिरकर 36.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब एक घंटे तक तेज अंधड़ चला। इसके बाद रात में दोबारा मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा बारिश होने की संभावना जताई है। तेज गर्मी के कारण बने लो-प्रेशर सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से यह स्थिति बनी हुई है।
इस बीच मौसम विभाग ने मानसून सीजन को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार इस वर्ष राजस्थान में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे अल नीनो की सक्रियता को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जून से अगस्त तक अल नीनो का प्रभाव बने रहने की संभावना है, जबकि इंडियन ओशन डायपोल की स्थिति न्यूट्रल रहने का अनुमान है। इससे मानसूनी बारिश पर असर पड़ सकता है।