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सांसद इकरा हसन और ADM के बीच विवाद फिर गरमाया! लोकसभा सचिवालय ने जताई आपत्ति, क्या है केस में अपडेट

MP Iqra Hasan Case Update: सांसद इकरा हसन और ADM संतोष बहादुर सिंह के बीच विवाद एक बार फिर चर्चाओं में है। पढ़िए केस अपडेट।

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सांसद इकरा हसन और ADM संतोष बहादुर सिंह के बीच विवाद फिर चर्चा में। फोटो सोर्स-IANS

MP Iqra Hasan Case Update: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना से सांसद इकरा हसन और ADM संतोष बहादुर सिंह के बीच हुए विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब इस प्रकरण में नया मोड़ तब आया, जब शासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर लोकसभा सचिवालय ने आपत्ति दर्ज कर दी। सचिवालय ने मामले में स्पष्ट और विस्तृत रिपोर्ट दोबारा उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद शासन ने मंडलायुक्त को निर्देश जारी किए हैं, वहीं मंडलायुक्त ने जिला अधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले की साफ और तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

1 जुलाई 2025 को हुई थी मुलाकात

पूरा मामला एक जुलाई 2025 का बताया जा रहा है। उस दिन कैराना लोकसभा सीट से सांसद इकरा हसन छुटमलपुर नगर पंचायत की अध्यक्ष शमा परवीन के साथ ADM संतोष बहादुर सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत से जुड़े कुछ मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को लेकर दोनों जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी से बातचीत करने गए थे।

ADM पर अभद्र व्यवहार के आरोप

आरोप है कि मुलाकात के दौरान ADM संतोष बहादुर सिंह का व्यवहार ठीक नहीं था। नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ उन्होंने कथित रूप से सख्त और अपमानजनक लहजे में बात की। इस दौरान सांसद इकरा हसन ने हस्तक्षेप करते हुए अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने का अनुरोध किया।

इसी दौरान विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि ADM ने सांसद इकरा हसन के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने तक के लिए कह दिया। घटना के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया था।

मंडलायुक्त ने कराई थी जांच

विवाद बढ़ने के बाद सांसद इकरा हसन की शिकायत पर मंडलायुक्त स्तर से मामले की जांच कराई गई। जांच के बाद पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। हालांकि अब लोकसभा सचिवालय ने उसी रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए अधिक स्पष्ट जानकारी मांगी है। इससे साफ है कि मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।

लोकसभा में भी उठा था मामला

सूत्रों के मुताबिक सांसद इकरा हसन ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया था। संसद में मामला उठने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई। यही वजह है कि अब शासन और प्रशासन दोनों स्तरों पर इस प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है।

प्रशासनिक गलियारों में बढ़ी हलचल

लोकसभा सचिवालय की आपत्ति के बाद सहारनपुर मंडल और शामली प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों के बीच अब इस बात को लेकर चर्चा है कि दोबारा भेजी जाने वाली रिपोर्ट में किन तथ्यों को शामिल किया जाएगा?