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NEET Paper Leak- मऊगंज की आकांक्षा की मौत पर राहुल गांधी के पोस्ट से गरमाई सियासत, केंद्र सरकार को घेरा

NEET Paper Leak- मऊगंज की आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी जिससे राजनीति गरमा गई।

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Rahul Gandhi post on Akanksha Chaturvedi death (फोटो- ANI)

NEET Paper Leak- NEET पेपर लीक के कारण मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की निवासी छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी (Akanksha Chaturvedi) का अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाला मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गुरूवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी जिससे राजनीति गरमा गई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पहले ट्विटर) पर मामले को लेकर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधा। बता दें कि, आकांक्षा NEET पेपर लीक (NEET Paper Leak) होने के बाद से वो आहत थी और 20 मई को उसने नागपुर में आत्महत्या कर ली थी।

राहुल बोले- आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं…..

मामले में प्रतक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लिखा कि-आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां coaching कर सके। कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा कि एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया। फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।

राहुल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है। और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जांच। न सुधार, न न्याय। राहुल ने आगे लिखा कि 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।

माता-पिता से मिलने पहुंचे NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

बता दें कि, बीते दिनों NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ आकांक्षा के माता-पिता से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वनाएं देते हुए 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। उन्होंने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- 'मोदी सरकार के इस सड़े हुए सिस्टम ने न जाने कितने छात्रों को हमसे छीन लिया। हम आकांक्षा को तो वापस नहीं ला सकते। पर NSUI संगठन ने परिवार से मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड कर्ज के 3 लाख में से 2 लाख 50 हजार की सहायता कर उनके दर्द को कम करने का प्रयास किया है। शेष 50 हजार भी हम जल्द ही इकट्ठा कर परिवार तक पहुंचा देंगें।'

अच्छे कॉलेज में एडमिशन का था भरोसा

मऊगंज के नईगढ़ी के मगनिया (पुरवा) गांव में रहने वाले कृष्णकुमार चतुर्वेदी की बेटी आकांक्षा उर्फ स्नेहा डॉक्टर बनना चाहती थी और नीट की परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test 2026) भी उसने दी थी। पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बेटी शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छी थी और अव्वल आती थी। नीट की परीक्षा देने के बाद भी आकांक्षा काफी खुश थी। उसने बताया था कि पेपर बहुत अच्छा गया है और अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा। लेकिन पेपर लीक होने के बाद से वो आहत थी और 20 मई को उसने नागपुर में आत्महत्या कर ली।

सुसाइड नोट में लिखा- 'सॉरी मम्मी-पापा अब हिम्मत नहीं है'

आकांक्षा ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने लिखा है- मम्मी-पापा, आपका मुझ पर भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बन जाएगी। पर दोबारा नीट परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में मेरे अच्छे मार्क्स आ रहे थे, पर दोबारा पेपर अच्छा जाए इसकी कोई गारंटी नहीं। सॉरी मम्मी-पापा… मैंने सब बर्बाद कर दिया, आप दोनों का। स्नेहा (आकांक्षा)।