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रतलाम में वाटर पार्क में चल रहे स्पा सेंटर पर छापा, तीन कमरों में मिले युवक-युवतियां

Water Park: ग्राहक बनकर वाटर पार्क के स्पा में पहुंची पुलिस, तीन अलग-अलग कमरों में तीन युवतियों के साथ युवक हिरासत में लिए गए, पूछताछ जारी।

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Ratlam Police Raid: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शुक्रवार शाम को पुलिस ने एक वाटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने स्पा सेंटर के तीन अलग-अलग कमरों से तीन युवतियों के साथ कुछ युवकों को पकड़ा है, जिन्हें हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। जो युवतियां स्पा सेंटर से हिरासत में ली गई हैं वो थाईलैंड की रहने वाली हैं। बताया गया है कि स्वीमिंग पूल के पीछे अवैध रूप से स्पा सेंटर संचालित किया जा रहा है।

3 युवतियों के साथ पकड़ाए युवक

रतलाम के पंचेड़-नामली मार्ग पर स्थित तुलसी वाटर पार्क में पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारते हुए अवैध रूप से संचालित स्पा सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां से तीन कमरों से थाईलैंड की तीन युवतियों के साथ कुछ युवकों को भी हिरासत में लिया है। जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया गया है कि वाटर पार्क रतलाम के बरबड़ निवासी योगेंद्र कुमार के नाम पर है। जिसे उसने 5 लाख रुपये सालाना की लीज पर दिलीप ठाकुर को दिया है।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई

वाटर पार्क में स्वीमिंग पूल की आड़ में अवैध स्पा सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मुखबिर के माध्यम से रतलाम एसपी अमित कुमार को मिली थी। इस सूचना के बाद एसपी अमित कुमार ने एक विशेष टीम गठित की। जो शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाटर पार्क पहुंची। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में ग्राहक बनकर वाटर पार्क के अंदर पहुंचे और स्पा सेंटर के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद जब स्पा सेंटर संचालित होने का पता चला तो एसपी को सूचित किया गया। शिकायत की पुष्टि होने पर एएसपी विवेक कुमार लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम महिला पुलिसकर्मियों के साथ वाटर पार्क में पहुंची और स्पा सेंटर पर छापा मारा।

6 कमरों में चल रहा था स्पा सेंटर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाटर पार्क में पीछे की तरफ 6 कमरों में स्पा सेंटर संचालित किया जा रहा था। वाटर पार्क के मैनेजर दिलीप ठाकुर को भी पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसकी पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई है। खास बात ये है कि इस छापेमार कार्रवाई को गोपनीय रखने के लिए संबंधित थाना क्षेत्र नामली को सूचना तक नहीं दी गई थी।