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Azam Khan Case : दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला की बढ़ेगी सजा? आज कोर्ट सुनाएगा बड़ा फैसला

Azam Khan Case: सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के 'दो पैन कार्ड' मामले में आज कोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है। जानिए क्या है पूरा विवाद और क्यों बढ़ सकती हैं मुश्किलें।

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आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम | फोटो सोर्स- IANS

Azam Khan Case: समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने के मामले में आज यानी शनिवार को कोर्ट अपना बड़ा फैसला सुना सकती है। कोर्ट में इस मामले की पूरी सुनवाई हो चुकी है और दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें रख दी हैं। अब बस कोर्ट के आदेश का इंतजार है। अगर कोर्ट सरकारी पक्ष की बात मान लेता है, तो आजम खान और उनके बेटे की जेल की सजा और ज्यादा बढ़ाई जा सकती है।

क्या है दो पैन कार्ड का विवाद?

यह पूरा मामला अब्दुल्ला आजम के दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करके गलत तरीके से दो पैन कार्ड तैयार किए गए, जिसका इस्तेमाल राजनीतिक और निजी फायदों के लिए किया गया। इस काम में आजम खान ने भी अपने बेटे का साथ दिया था। इस मामले में कोर्ट पहले ही दोनों को दोषी मान चुकी है। 17 नवंबर 2025 को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

आज कोर्ट किस बात पर फैसला सुनाएगा?

7 साल की सजा मिलने के बाद इस मामले में अलग-अलग अपील दाखिल की गई थी। पहली अपील में उन्होंने अपनी सजा को माफ या कम करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया है। यानी उनकी 7 साल की सजा तो पक्की है।
दूसरी अपील में सरकारी वकीलों का कहना है कि यह धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला है, इसलिए आजम खान और उनके बेटे की सजा को 7 साल से और ज्यादा बढ़ाया जाना चाहिए। आज कोर्ट इसी बात पर फैसला देने वाली है कि दोनों की सजा बढ़ेगी या नहीं।

सुनवाई पूरी, फैसले पर टिकी नजरें

एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में इस मामले की अंतिम दौर की बहस पूरी हो चुकी है। सरकारी पक्ष ने कोर्ट के सामने कड़ी सजा की मांग को लेकर कई कानूनी रूलिंग्स भी पेश की हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की मांग को स्वीकार कर लिया, तो आजम परिवार की सियासी और कानूनी राहें और ज्यादा मुश्किल हो सकती हैं। फिलहाल, सभी को कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार है।