रामपुर, May 25, 2026

रामपुर जेल में अब्दुल्ला आजम से मिलीं तंजीम फातिमा
Abdullah Azam Jail Rampur: रामपुर की राजनीति में सोमवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा रामपुर जिला कारागार पहुंचीं और अपने बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। करीब 25 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद जेल परिसर के बाहर मौजूद मीडिया और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की नजरें तंजीम फातिमा की प्रतिक्रिया पर टिकी रहीं। हालांकि, इस बार उनका रवैया पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया। जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और सीधे गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं। उनके साथ समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे।
अब्दुल्ला आजम इन दिनों चर्चित दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं। इसी मामले में विशेष अदालत ने हाल ही में बड़ा फैसला सुनाते हुए आजम खान की सजा में भी बढ़ोतरी की थी। अदालत के आदेश के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दोनों रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। बीते 23 मई 2026 को अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद से ही समाजवादी पार्टी और आजम परिवार के भीतर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। ऐसे समय में तंजीम फातिमा की जेल मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
रामपुर की राजनीति को करीब से देखने वाले लोग जानते हैं कि तंजीम फातिमा हर बार जेल मुलाकात के बाद मीडिया से खुलकर बातचीत करती थीं। वह अक्सर प्रशासन, सरकार और जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती थीं। कई बार उन्होंने आजम खान की तबीयत और जेल के हालात को लेकर भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। लेकिन सोमवार को दिखाई दी उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मीडिया के बार-बार सवाल पूछने के बावजूद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय सागर ने भी मीडिया से दूरी बनाए रखी। आमतौर पर जेल मुलाकातों के बाद पार्टी नेताओं द्वारा राजनीतिक बयान दिए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार किसी भी नेता ने कोई टिप्पणी नहीं की। इससे यह चर्चा और तेज हो गई कि कहीं समाजवादी पार्टी और आजम परिवार फिलहाल सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की रणनीति तो नहीं अपना रहे हैं।
तंजीम फातिमा की अचानक आई यह चुप्पी अब रामपुर की राजनीति में बड़ा चर्चा का विषय बन चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत के हालिया फैसलों के बाद आजम परिवार बेहद सतर्क रणनीति के तहत आगे बढ़ रहा है। अब्दुल्ला आजम की सजा बरकरार रहने और आजम खान की सजा बढ़ाए जाने के बाद परिवार फिलहाल कानूनी लड़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहता है। यही वजह मानी जा रही है कि इस बार मीडिया के सामने किसी तरह की बयानबाजी से दूरी बनाई गई।
रामपुर जेल में हुई इस मुलाकात के बाद अब सभी की निगाहें समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। तंजीम फातिमा का बिना कुछ बोले जेल से लौटना राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व या आजम परिवार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई नई रणनीति या बयान सामने आता है या नहीं। फिलहाल, रामपुर की सियासत में इस मुलाकात और उसके बाद की खामोशी ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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Published on: 25 May 2026 07:48 pm

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