Chhattisgarh teachers strike : शिक्षकों की इस हड़ताल का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जैसे कोरबा के ग्रामीण क्षेत्र करतला में कई स्कूलों में नियमित रूप से बिना किसी बाधा के बच्चों की पढ़ाई हो रही है तो कांकेर जिले के कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित है। विभागीय अधिकारी व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं।
रायपुर. वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षक आज से हड़ताल पर चले गए हंै। सहायक शिक्षक / समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले शिक्षकों की यह हड़ताल शुरू हुई है और प्रदेश में ब्लाक स्तर पर संगठन के पदाधिकारी एकत्र होकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर विभागीय अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे। हालांकि हड़ताल को टालने के लिए पिछले कई दिनों से शासन स्तर पर वार्ता चल रही थी और डीपीआई ने हड़ताल पर जाने की समझाइश देते हए मांगों को पूरा करने के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही किए जाने का आश्वासन भी दिया था लेकिन संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर आंदोलित हैं लेकिन अब तक शासन स्तर से किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। ऐसे में अब आंदोलन के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है।
पढ़ाई हो रही प्रभावित
Chhattisgarh teachers strike : शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से राज्य की शासकीय शालाओं में पढाई प्रभावित हो रही है। प्रधान पाठकों को कई-कई कक्षाएं एक साथ संभालनी पड़ रही हैं। ऐसे में ठीक ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। प्राथमिक शालाएं पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रही हैं और ऐसे में अगर शिक्षक हड़ताल पर चले गए तो आसानी से समझा जा सकता है कि पढ़ाई किस प्रकार से होगी ? हालांकि बिलासपुर जिले के डीईओ ने बताया कि उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने स्तर से निर्देश दे रखे हैं कि इस प्रकार से व्यवस्था की जाय ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने पाए।