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छत्तीसगढ़ के चार से पांच नेताओं को राष्ट्रीय ईकाई में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, दिल्ली पर टिकी निगाहें

Chhattisgarh News: आगामी दिनों छत्तीसगढ़ बीजेपी संठगन में बदलाव के साथ चार से पांच नेताओं को राष्ट्रीय इकाई में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है…

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छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को राष्ट्रीय ईकाई में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh News: भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलावों और विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद अब पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और संगठनात्मक टीम के गठन का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व संगठन के नए स्वरूप की घोषणा कर सकता है।

Chhattisgarh News: चार से पांच नेताओं के नाम चर्चा तेज

सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी के विस्तार में छत्तीसगढ़ को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। प्रदेश से चार से पांच नेताओं के नाम राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने को लेकर चर्चा चल रही है। इनमें संगठन और सरकार दोनों से जुड़े अनुभवी नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की निगाहें अब दिल्ली पर टिकी हुई हैं।

प्रदेश संगठन का राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा महत्व

Chhattisgarh BJP: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश संगठन का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व राज्य के नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। इसी कारण राष्ट्रीय पदाधिकारियों और कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। खास यह है कि इस बार प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का नाम भी राष्ट्रीय संगठन की संभावित सूची में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसको लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।

आगामी चुनाव को लेकर समीकरण

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व आगामी चुनावी राज्यों और 2029 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में सामाजिक, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम का गठन किया जा सकता है। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ को संगठनात्मक रूप से कितनी प्राथमिकता देता है।