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Baby Elephant Death: नदी में नहाने पंहुचा 50 हाथियों का दल, पानी में डूबने से बेबी एलिफेंट की मौत

Chhattisgarh Forest News नदी पार करने के दौरान 50 हाथियों के दल से छूटकर एक नन्हा हाथी गहरे पानी में फस गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इस घटना की सूचना दी।

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नदी में डूबने से बेबी एलिफेंट की मौत (Photo Patrika)

Baby Elephant Death: रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र के गुरदा गांव के पास एक दुखद घटना में बेबी एलिफेंट (हाथी शावक) की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। शावक की मौत से क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के दल में भी हलचल देखी गई।

Baby Elephant Death: गहरे पानी में फसा बेबी एलीफैंट

जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह से बारभौना, गुरदा और नवागांव क्षेत्र के जंगलों में करीब 50 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों का यह झुंड भोजन और पानी की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवाजाही कर रहा था। बताया जा रहा है कि हाथियों का दल नदी पार कर रहा था। इसी दौरान एक बेबी एलिफेंट गहरे पानी में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। पानी में डूबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड कुछ समय तक आसपास ही मौजूद रहा।

ग्रामीणों ने दी वन विभाग को सूचना

ग्रामीणों द्वारा मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। वन अधिकारियों ने मृत शावक के शव का निरीक्षण कराया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी, हालांकि प्रारंभिक जांच में शावक की मौत पानी में डूबने से होना माना जा रहा है।

पहले ही 4 शावकों की मौत हो चुकी

आपको बता दे रायगढ़ जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों से हाथियों के झुंड से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है। घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार नजर बनाए हुए है। रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में पिछले 25 दिनों के दौरान 4 हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 मौतें धर्मजयगढ़ वन मंडल और 1 मौत रायगढ़ वन मंडल क्षेत्र में दर्ज की गई हैं।

पहली घटना 8 मई को छाल रेंज के सिंघीझाप क्षेत्र स्थित घोघरा डेम में हुई थी, जहां पानी में डूबने से करीब 6 माह के एक हाथी शावक की मौत हो गई थी। इसके बाद 11 मई को तरकेला गांव के केराझरिया जंगल स्थित डैम में दलदल में फंसने से एक अन्य शावक की जान चली गई। वहीं, 24 मई की सुबह आमागुड़ा-पुसल्दा क्षेत्र के एक तालाब में हाथी शावक का शव मिला था। अब 1 जून को खरसिया वन परिक्षेत्र के गुर्दा और देहजरी के बीच मांड नदी में एक और हाथी शावक का शव मिला है।