Bihar BPSC Teacher Affair Controversy: बिहार के हाजीपुर में बीपीएससी शिक्षिका बनते ही पति को छोड़ने के आरोपों से घिरी पत्नी ने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी बताया है. उन्होंने कहा कि जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि पति के पैर टूटने के बाद उसके ऑपरेशन और इलाज के खर्च के लिए बेची गई थी. आइए जानते हैं शिक्षिका ने पति के आरोपों पर क्या जवाब दिया है।
Bihar BPSC Teacher Affair Controversy: बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर से शुरू हुआ एक पारिवारिक विवाद इस वक्त पूरे देश में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला एक बीपीएससी (BPSC) शिक्षिका और उनके पति के बीच का है। पति अमन कुमार ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी ने शिक्षिका बनते ही उन्हें छोड़ दिया, जबकि उन्होंने उसे पढ़ाने के लिए अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी थी।
अब इस पूरे मामले पर BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी का भी पक्ष सामने या गया है। शिक्षिका ने पति के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एकतरफा मीडिया ट्रायल बताया है। महिला ने कहा, 'क्या मैं अबला नारी बनकर मार खाती रहूं? कोई आदमी घर आकर मारे-पीटे, गाली दे और मैं चुप रहूं ताकि समाज मुझे अच्छी नारी कहे? मैं मर जाती, तब आप लोग कैंडल मार्च निकालने आते?'
पति अमन कुमार ने दावा किया था कि पत्नी को हाजीपुर और पटना में कोचिंग कराने, बीएड (B.Ed) कराने और पढ़ाने के लिए उन्हें अपनी पैतृक जमीन बेचनी पड़ी थी। शिक्षिका गुंजन ने इस दावे को पूरी तरह झूठ और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जमीन मेरे लिए नहीं बेची थी। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ था और उसमें स्टील लगा हुआ है। उन्होंने उस ऑपरेशन और इलाज के खर्च के लिए जमीन बेची थी। अगर जमीन मेरी पढ़ाई के लिए बिकी होती, तो मेरे पढ़ाई के समय बिकती, पैर टूटने के बाद क्यों बिकी?'
महिला ने बताया कि 2013 में शादी के समय वह सिर्फ इंटर पास थीं। इसके बाद उन्होंने ग्रेजुएशन किया। जब बीएड एंट्रेंस एग्जाम निकला, तो पति ने पैसे न होने की बात कहकर पढ़ाने से मना कर दिया था। उन्होंने रो-रोकर पढ़ाई की इजाजत मांगी और उनके मायके वालों ने भी पैसे भेजकर बीएड की पढ़ाई पूरी करने में मदद की थी।
पति ने आरोप लगाया था कि शिक्षिका का उनके ही स्कूल के एक दोस्त (शिक्षक) के साथ अफेयर है, जिसके कारण वह दार्जिलिंग ट्रिप पर भी गईं। जिसके जवाब में शिक्षिका ने कहा की वो एक टीचर हैं और स्कूल में पढ़ाती हैं। स्कूल में महिला और पुरुष दोनों सहकर्मी होते हैं। उनके साथ उठने-बैठने या विभागीय काम के सिलसिले में बात करने का मतलब अफेयर नहीं होता।
जनवरी 2025 में हुए दार्जिलिंग दौरे पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रांसफर होने से पहले स्कूल की सभी महिला मित्रों और सहकर्मियों ने एक लास्ट ट्रिप प्लान की थी। वे अपने परिवार को बताकर वहां गई थीं और लगातार वीडियो कॉल पर जुड़ी थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पति से उनका मानसिक और शारीरिक संपर्क साल 2022 से ही पूरी तरह टूटा हुआ है।
शिक्षिका ने लिच्छवी नगर में हुए पुलिस विवाद को लेकर पति की साजिश का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि उनके मकान मालिक खुद गवाह हैं कि पति अमन कुमार ने किसी लड़के को 10,000 रुपये का लालच दिया था ताकि वह शिक्षिका की किसी पुरुष के साथ फर्जी तस्वीरें खींचकर दे सके, क्योंकि कोर्ट में उनके पास कोई सबूत नहीं था। मकान मालिक पर घर में सीक्रेट कैमरा लगाने का भी दबाव बनाया गया था। घटना के दिन शिक्षिका के साथ उनकी बहन भी रह रही थी, लेकिन पति ने आकर जबरन हंगामा किया और मारपीट की।
शिक्षिका का 10 साल का एक बेटा है, जो इस वक्त पिता के पास है। बच्चे को लेकर महिला ने कोर्ट और जनता से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं एक मां हूं, मैं अपने बच्चे को तकलीफ में नहीं देख सकती। वह बच्चा इस वक्त पूरी तरह अपने पिता के दबाव में बयान दे रहा है। मेरी प्रशासन और अदालत से गुहार है कि सिर्फ 5 दिनों के लिए बच्चा मुझे सौंप दिया जाए, फिर देखिए कि वह बच्चा किसके पक्ष में बयान देता है। मेरे पास पति द्वारा भेजी गई बेहद भद्दी-भद्दी गालियों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं।'
महिला ने बिना सबूत के उन्हें समाज और मीडिया के कटघरे में खड़ा करने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'हमारा तलाक का केस पिछले डेढ़ साल से कोर्ट में चल रहा है। अदालत ने उनके पास कोई सबूत न होने के कारण उन्हें फटकार भी लगाई है। जब मामला अदालत में है, तो सड़क पर तमाशा करने का क्या मतलब है?'
BPSC टीचर गुंजन ने आगे कहा की देश में नीट (NEET) का पेपर लीक हो जाता है, बड़ी-बड़ी आपराधिक घटनाएं होती हैं, लेकिन मीडिया उन पर चार दिन भी बात नहीं करता। मेरा निजी पारिवारिक मामला बिना किसी जांच और सबूत के पूरे देश में मसाला बनाकर वायरल कर दिया गया। इस मीडिया ट्रायल के कारण मेरी जान को गंभीर खतरा है, अगर मुझे कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार ये लोग होंगे। शिक्षिका ने अंत में कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और कोर्ट से ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा।