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राजस्थान के 175 प्राचार्यों को शिक्षा निदेशालय का नोटिस, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट, CM के ड्रीम प्रोजेक्ट में लापरवाही!

राजस्थान में सरकारी स्कूलों के नामांकन घटने पर शिक्षा निदेशालय सख्त हो गया है। प्रदेश के 175 राजकीय स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पाली के सुमेरपुर स्थित पीएमश्री स्कूल में भी 126 छात्रों की कमी दर्ज हुई है।

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सरकारी स्कूलों पर चला शिक्षा विभाग का हंटर, राजस्थान के 175 प्राचार्यों पर गिरेगी गाज! (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)

Rajasthan Government Schools: पाली: मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत 'प्रवेशोत्सव' में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत देखकर शिक्षा निदेशालय ने हंटर चला दिया है। राजस्थान के 175 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ने के बजाय पिछले साल से भी कम हो गया। इस लापरवाही और उदासीनता पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी 175 स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस थमाया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर सुधरी हुई प्रगति रिपोर्ट और स्पष्टीकरण आधिकारिक ई-मेल पर भेजें। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो 'राजस्थान असैनिक सेवाएं नियम-1958' के तहत विभागीय कार्रवाई तय है।

फ्लैगशिप योजना में ही 'उदासीनता' का खेल

हैरानी की बात यह है कि सरकार जिस 'प्रवेशोत्सव' को अपना फ्लैगशिप कार्यक्रम मानकर चल रही है। उसे ही धरातल पर तगड़ा झटका लगा है। अभियान का जिम्मा 3 से 18 वर्ष तक के स्कूल से छूटे और अनामांकित बच्चों को तलाश कर उन्हें स्कूल लाना और उनका ठहराव सुनिश्चित करना है।

खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसके लिए डिजिटल प्रवेशोत्सव एप लांच किया था और विभाग ने मार्च से अप्रैल के बीच तीन बार (5 मार्च, 25 मार्च और 24 अप्रैल 2026) दिशा-निर्देश जारी किए थे। लेकिन, शाला दर्पण की रिपोर्ट ने प्राचार्यों के दावों की हवा निकाल दी।

सरकारी तंत्र और भारी-भरकम बजट के बावजूद मॉडल स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों का यह हाल विभाग के लिए बेहद चिंताजनक है। अब देखना यह है कि 3 दिन के इस अल्टीमेटम के बाद सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधरता है या प्राचार्यों पर कार्रवाई की गाज गिरती है।

ये हैं नामांकन गिराने वाले 'टॉप' स्कूल

  • बाड़मेर (राउमावि आदेल): नामांकन में सबसे भारी गिरावट, यहां पिछले साल की तुलना में 779 बच्चे कम हुए।
  • धौलपुर (पीएम श्री राउमावि, बाड़ी): यहां 433 बच्चों का नामांकन घटा।
  • भरतपुर (पीएम श्री राउमावि, बयाना): इस स्कूल में 414 बच्चों की कमी दर्ज की गई।

प्रदेश में इन जिलों की इतनी स्कूलों में कम हुआ नामांकन

जयपुर 20, बीकानेर 12 स्कूल, दौसा 11, झालावाड़ 09, बांसवाड़ा 09, स्कूल अजमेर 08, डूंगरपुर 08, धौलपुर 08, सीकर 08, भरतपुर 07, बारां 06, चुरु 06, जोधपुर 05, टोंक 05, उदयपुर 05, भीलवाड़ा 04, सवाई माधोपुर 04, करौली 04, कोटा 04, चित्तौड़गढ़ 04, राजसमन्द 03, कोटपूतली-बहरोड़ 03, डीग 03, हनुमानगढ़ 03 स्कूल, अलवर 03, प्रतापगढ़ 02, झुंझुनू 02, गंगनहर (श्रीगंगानगर) 02, बाड़मेर 01, बूंदी 01, सिरोही 01, पाली 01, खैरथल-तिजारा 01, फलोदी 01, बालोतरा 01, सलूम्बरः 01, जैसलमेर 01 व डीडवाना-कुचामन की एक स्कूल शामिल है।

पाली की एकमात्र स्कूल सुमेरपुर की पीमश्री राउमावि को मिला नोटिस

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर जारी नोटिस में पाली जिले की सुमेरपुर की पीमश्री राउमावि के प्राचार्य को इस संबंध में नोटिस जारी किया है। पिछले वर्ष की तुलना में यहां करीब 126 का नामांकन घटा है।

इन्होंने कहा...

निदेशालय की ओर से मिले नोटिस का जवाब भेज दिया है। प्रवेशोत्सव अगले चरण 11 जुलाई तक जो संख्या कम हुई है। उसको पूरा करने का प्रयास चल रहा है। 126 में से करीब 60 का अपडेट कर लिया है। जो कुछ तकनीकी कारणों से रह गए थे। शेष जल्द पूरे लिए जाएंगे। विद्यालय में 38 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत हैं, उसमें 12 खाली तथा 06 वरिष्ठ अध्यापकों में से तीन पद खाली हैं। इससे भी समस्या आ रही है।

-बजरंग सिंह, उप प्राचार्य, पीएमश्री राउमावि, सुमेरपुर