PATRIKA PODCAST : अतिथि भी प्राकृतिक संयोग
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जब इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति एक साथ निरन्तर संकल्प को पूर्ण निष्ठा से पूरा करने हेतु एकत्र हो, वहीं कर्म की पूर्णता होती है।
Gulab Kothari Articles : स्पंदन : दृढ़ संकल्प से ही कर्म की पूर्णता : इच्छा कैसे पैदा हो, इस पर व्यक्ति का नियंत्रण नहीं है। इसको तो ईश्वरीय देन ही मानना पड़ेगा। व्यक्ति के हाथ में तो इच्छा को पूरा करना या नहीं करना ही है। कब पूरा करना, कैसे पूरा करना, इस पर व्यक्ति का नियंत्रण हो सकता है।