जयपुर, Jun 05, 2026

patrika podcast
Gulab Kothari Article : प्रकृति ने हमें तीन देव अलग से दिए हैं। मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, आचार्य देवो भव। तीनों क्रमश: व्यक्ति के क्षर-अक्षर-अव्यय भाग के नियंता हैं। मूल में तो तीनों भी अतिथि ही हैं। प्रकृति ही हमारे प्राकृतिक जीवन का संचालन करती है। पुत्र हो अथवा शिष्य, इनको भी अतिथि रूप में ही भेजती है।
Published on: 05 Jun 2026 06:23 pm

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