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हाइवे के ब्लैक स्पॉट्स: अरू, बिलौआ, ककराई शिवपुरी रूट पर बनाए जाएंगे ओवरब्रिज…

नेशनल हाइवे पर डेंजर जोन बन चुके चौराहों पर जानलेवा हादसों को रोकने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मास्टर प्लान तैयार किया है। हाइवे के 4 सबसे खतरनाक ब्लैक

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ब्लैक स्पॉट्स

ग्वालियर. नेशनल हाइवे पर डेंजर जोन बन चुके चौराहों पर जानलेवा हादसों को रोकने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मास्टर प्लान तैयार किया है। हाइवे के 4 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स— अरू तिराहा, बिलौआ, ककराई और शिवपुरी क्षेत्र में नए फ्लाई ओवरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं, सिकरौदा चौराहे पर फ्लाई ओवर का काम पहले से ही युद्ध स्तर पर जारी है। इन फ्लाईओवर के बनने से लोकल ट्रैफिक और हाईस्पीड हाइवे ट्रैफिक अलग हो जाएगा, जिससे हादसों में 90 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है।

शिवपुरी रूट और ककराई को भी मिलेगी संजीवनी

सिर्फ डबरा ही नहीं, ग्वालियर से शिवपुरी जाने वाले मार्ग को भी सुरक्षित किया जा रहा है। ककराई गांव और शिवपुरी जिले के चिह्नित डेंजर जोन पर भी नया फ्लाई ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार, इन फ्लाईओवरों का डि•ााइन इस तरह तैयार किया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों को हाइवे के बीच में न आना पड़े और थ्रू-ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के निकल सके।

डेंजर रूट: जहां गिट्टी के डंपर और अंधे मोड़ बन रहे हैं काल…

  • डबरा रूट: जहां गिट्टी के डंपर और अंधे मोड़ बनते हैं काल… ग्वालियर से डबरा के बीच का सफर फिलहाल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। एनएचएआइ ने यहां के तीन प्रमुख पॉइंट््स को चिह्नित किया है।
  • बिलौआ तिराहा (खौफ का मोड़): बिलौआ की क्रेसर बेल्ट से गिट्टी भरकर निकलने वाले डंपर यहां सबसे बड़े खतरे हैं। यहां घने पेड़ों की वजह से ब्लाइंड टर्न (अंधा मोड़) बन गया है, जिससे हाइवे पर आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते। डंपरों के भारी दबाव से यहां की सडक़ें कबाड़ा हो चुकी हैं, जो 100 की रफ्तार से आ रही गाडिय़ों को अनियंत्रित कर देती हैं।
  • अरू तिराहा: यहां 24 घंटे ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है, जिससे यहां क्रॉङ्क्षसग के दौरान अक्सर गाडिय़ां आपस में टकरा जाती हैं।
  • कल्याणी चौराहा: 100 किमी/घंटा की रफ्तार और मौत का खेल

हाइवे का सबसे खतरनाक पॉइंट कल्याणी चौराहा है… यहां हादसे की तीन बड़ी वजहें हैं

ब्लाइंड टर्न: यहां का घुमाव ऐसा है कि सामने से आता वाहन आखिरी पल तक दिखाई नहीं देता।
क्रॉङ्क्षसग का जोखिम: टेकनपुर से आने वाले वाहनों को आंतरी जाने के लिए हाइवे क्रॉस करना पड़ता है। इसी दौरान 80 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही गाडिय़ां उन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं।
छात्रों और ग्रामीणों की भीड़: यहां टेकनपुर के रुस्तम जी कॉलेज के हजारों छात्र और आंतरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर सडक़ पार करते हैं।

पांच फ्लाईओवर बनेंगे

हाइवे को सुरक्षित बनाने के लिए पांच फ्लाइओवर ब्रिजों का निर्माण किया जाएगा। सिकरौदा का फ्लाई ओवर अभी निर्माणाधीन है, जबकि शिवपुरी हाइवे, ककराई गांव सहित अरू तिराहा, कल्याणी और बिलौआ पर नए फ्लाईओवर बनना प्रस्तावित हैं।
भारत सिंह जोड्या,जनरल मैनेजर एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ