लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में आर्थिक और संस्थागत संकट गहराता जा रहा है। जनता के बढ़ते दबाव और गुस्से को दबाने के लिए केंद्र सरकार इमरजेंसी जैसे कदम उठाने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के कारण लोगों में भारी असंतोष है, जिसका असर अब सरकारी संस्थाओं के भीतर भी दिखाई देने लगा है। राहुल ने कहा कि भयंकर आर्थिक सुनामी आ रही है। महंगाई बढऩे की यह शुरुआत है। भारत में ऐसी इकोनोमिक क्राइसिस आएगी, जिसे पहले कभी लोगों ने देखा नहीं होगा। इसको कोई रोक नहीं सकता है।
नई दिल्ली। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में आर्थिक और संस्थागत संकट गहराता जा रहा है। जनता के बढ़ते दबाव और गुस्से को दबाने के लिए केंद्र सरकार इमरजेंसी जैसे कदम उठाने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के कारण लोगों में भारी असंतोष है, जिसका असर अब सरकारी संस्थाओं के भीतर भी दिखाई देने लगा है।
राहुल ने यह बातें कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ की ओर से कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव में कही। राहुल ने कहा कि भयंकर आर्थिक सुनामी आ रही है। महंगाई बढऩे की यह शुरुआत है। भारत में ऐसी इकोनोमिक क्राइसिस आएगी, जिसे पहले कभी लोगों ने देखा नहीं होगा। इसको कोई रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि देश की उत्पादन व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया है। वहीं दूसरी भारत की संस्थाएं तीन साल पहले तक पूरी तरह कंट्रोल्ड थी, लेकिन अब मुख्य चुनाव आयुक्त, इंटलीजेंस के हेड, सीनीयर ज्यूडशरी के मैसेज मेरे पास आ रहे हैं। यह सभी रिवोल्ट कर मुझे जानकारी भेज रहे हैं।
दरअसल, नियंत्रण का सिस्टम कॉलेप्स होने जा रहा है। क्योंकि लोगों का प्रेशर ऐसा आएगा कि यदि हम इस रास्ते पर चलते रहे तो वो छोड़ेगी नहीं। उन्होंने कहा कि महंगाई, गरीबी और अन्य समस्याओं के चलते लोगों में गुस्सा आ गया तो मुख्य चुनाव आयुक्त को डर नहीं लगेगा क्या? ऐसे में सिस्टम अंदर से कांप रहा है और वहीं से मुझे नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, मंत्रियों और उनके बेटों तथा अजीत डोभाल के बारे में जानकारियां भेजी जा रही है। अब हो सकता है कि यह जनता के प्रेशर को दबाने के लिए इमरजेंसी जैसी कोई चीज कर सकते हैं। मोदी को भी पता है कि उनका नियंत्रित सिस्टम कॉलेप्स कर गया है। इससे पहले राहुल ने बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी। आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पारंपरिक आदिवासी टोपी भी भेंट की।
राहुल ने कहा कि आदिवासी भारत के पहले मालिक हैं, जिनमें भारत की ऐतिहासिक चेतना और ज्ञान समाया हुआ है, यही सच्चाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की आदिवासी विरोधी मानसिकता ‘वनवासी’ का नाम देकर आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। असल में वनवासी वो हैं, जो जंगल में रहते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे एक पेड़ की जड़ें सबसे पहले ज़मीन को छूती हैं, उसे ज़मीन से जोड़ें रखती हैं। वैसे ही आदिवासी हिंदुस्तान की सांस्कृतिक जड़ हैं। आदिवासी समाज के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और वे आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान करते हैं तथा उनकी रक्षा के लिए हर कदम उठाने को, हर लड़ाई लडऩे को तैयार हैं।