Hauz Rani fire incident: दिल्ली अग्निकांड में गद्दे बिछाकर मदद के लिए आगे आए रियाजुद्दीन और उनके बेटे ने इंसानियत की एक मिसाल कायम की हैं। उन्होंने अपनी दुकान से 2 लाख के गद्दे निकाले और ऊपर से छलांग लगा रहे लोगों की जान बचाने के लिए बिछा दिए। अब उनकी मदद के लिए सरदार पटेल सेवा दल ने एक लाख रुपए की सहायता राशि दी है।
Hauz Rani fire incident: दिल्ली की हौजरानी इलाके के लिए किसी खौफनाक दौर था। होटल की ऊपरी मंजिलों से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं निकल रहा था। अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और छतों से चीख रहे थे, मदद की गुहार लगा रहे थे। हर तरफ अफरातफरी और चीख-पुकार मची थी। ऐसे में अपनी जान और नुकसान की परवाह किए बिना, एक आम दुकानदार ने इंसानियत की वो मिसाल पेश की जिसे देख हर कोई हैरान है। हम बात कर रहे हैं रियाजुद्दीन की, जिन्हें उनकी इस बहादुरी के लिए सरदार पटेल सेवा दल ने एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी है।
दरअसल, जिस होटल में आग लगी थी, ठीक उसके सामने रियाजुद्दीन और उनके बेटे अरमान की गद्दे-रजाई की दुकान है। जब उन्होंने देखा कि लोग ऊपर फंसे हैं और नीचे कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं है, तो दोनों ने तुरंत फैसला लिया। उन्होंने अपनी दुकान के सारे गद्दे, रजाई और गद्देदार सामान निकालकर नीचे सड़क पर बिछा दिए। देखते ही देखते वो गद्दे लोगों के लिए लाइफ सेवर बन गए। आग और धुएं से घबराए कई लोगों ने सीधा उन गद्दों पर छलांग लगाई और उनकी जान बच गई।
जब रियाजुद्दीन से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने बड़े ही सादे शब्दों में कहा, उस वक्त दिमाग में नुकसान का कोई ख्याल ही नहीं था। सामने लोगों की जिंदगी दांव पर लगी थी। अगर मेरी दुकान का सामान किसी की जान बचाने के काम आ जाए, तो इससे बढ़कर और क्या होगा? इस हादसे में उनके करीब दो लाख रुपए के गद्दे और रजाइयां पूरी तरह खराब हो गए, लेकिन रियाजुद्दीन के चेहरे पर इसका कोई मलाल नहीं है। उन्हें इस बात का सुकून है कि उनके इस कदम से कई परिवार तबाह होने से बच गए।
रियाजुद्दीन के इस नेक काम ने पूरे इलाके का दिल जीत लिया है। अब सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। शनिवार को सरदार पटेल सेवा दल की टीम खुद रियाजुद्दीन से मिलने पहुंची। संस्था के लोगों ने उनके इस हौसले और जज्बे को सलाम किया और दुकान के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें एक लाख रुपए की मदद राशि दी है।
संस्था के अध्यक्ष वीरेंद्र कसाना ने रियाजुद्दीन की तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां लोग आपस में बंटने की बातें करते हैं, वहां रियाजुद्दीन जैसे लोग याद दिलाते हैं कि मुसीबत के वक्त इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। हौजरानी की उस खौफनाक रात में रियाजुद्दीन ने सिर्फ गद्दे नहीं बिछाए थे और बिखरती इंसानियत को एक नया सहारा दिया था, जिसे यह समाज कभी नहीं भूलेगा।