Malviya nagar fire accident: साउथ दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल लगी आग के बाद हर व्यक्ति मदद के लिए आगे आते हुए दिखाई दे रहा था इसी दौरान दिल्ली के एक बाप और बेटे की ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसको देखकर आप भी ताज्जुब करेंगे।
Malviya nagar fire accident: साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में फ्लरिश स्टेस होटल में बुधवार सुबह अचानक आग लगने से भीषण हादसा हो गया। कुछ ही देर में आग ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण होटल में फंसे 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 9 भारतीय और 12 विदेशी मेहमान शामिल थे। यह हादसा और भी भयावक हो सकता था, लेकिन वहीं सामने गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने अपनी इंसानियत से कई लोगों की जान बचा ली।
आग की लपटे फैलने के कारण और भागने का कोई रास्ता नहीं बचा तो लोग आग झुलसने से बचने के लिए खिड़कियों से कूदने लगे। छलांग लगाते लोगों की जान बचाने के लिए रियाजुद्दीन और उनके बेटे ने अपनी दुकान से गद्दे निकालकर बिछा दिए। जानकारी के मुताबिक, रियाजुद्दीन की करीब 40 साल पुरानी गद्दे की दुकान है। उनके बेटे अरमान ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे एक पड़ोसी ने उन्हें आग लगने की बात बताई। जब वो वहां पहुंचकर देखा मंजर बहुत दर्दनाक था। ग्राउंड फ्लोर पर भयंकर आग लगी थी और लोग ऊपर की मंजिलों पर फंसकर चिल्लाकर कह रहे थे कि क्या हम नीचे कूद जाएं अरमान ने बिना एक पल गंवाए अपनी दुकान से 20-22 नए गद्दे और रजाइयां निकालीं और सड़क पर एक के ऊपर एक बिछा दीं। इससे एक गद्देदार सुरक्षा कवच बन गया और ऊपर से कूद रहे लोग सुरक्षित बच गए।
लोगों की जान बचाने के लिए रियाजुद्दीन ने अपनी दुकान के 2 लाख के गद्दे बिछा दिए, उनका कहना है कि इंसानियत के आगे पैसों की कोई कीमत नहीं है। इतना ही नहीं दोनों बाप-बेटे ने मिलकर सबकी मदद करने के साथ ही लाशों और घायलों को ले जाने के लिए अपनी दुकान से चादरें और रजाई के कवर भी दे दिए। रियाजुद्दीन ने दिल छूने वाली बात कही, मेरा 2 लाख का नुकसान हुआ तो क्या हुआ, इंसानियत के नाते सब बराबर हैं। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, हम सब पहले हिंदुस्तानी हैं। अपने भाइयों की मदद करना मेरा फर्ज था।
सोशल मीडिया पर मुआवजे की मांग इस बहादुरी के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस बाप-बेटे की जोड़ी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस दुकानदार के नुकसान की भरपाई की जाए और उन्हें इनाम दिया जाए। वहीं कुछ लोग उन भ्रष्ट अफसरों को जेल भेजने की मांग कर रहे हैं जिन्होंने बिना सेफ्टी नियमों के इस होटल को चलने दिया। कई लोग तो इस भले आदमी की मदद के लिए चंदा इकट्ठा करने को भी तैयार हैं।