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विधायक के बाद क्या सांसद भी छोडेंगे ममता बनर्जी का साथ? BJP बना रही ये प्लान

West Bengal Political Crisis 2026: पश्चिम बंगाल में TMC की अंदरूनी कलह के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बगावत तेज हो गई है। बीजेपी को उम्मीद है कि पार्टी में संभावित टूट से संसद में अहम विधेयकों पर अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

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बंगाल में TMC में कलह पर बीजेपी की नजर है (Photo-IANS)

Bengal TMC TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस इस समय संकट से गुजर रही है। TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विधायकों का एक गुट अलग हो गया है। वहीं अब TMC के अंदर उभरी अदरूनी कलह पर बीजेपी की नजर है। बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगर टीएमसी टूटती है तो इसका सबसे बड़ा फायदा संसद में मिल सकता है, जहां मोदी सरकार को कई अहम विधेयकों के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है।

मोदी सरकार का कर सकते हैं समर्थन- बीजेपी

बीजेपी नेताओं का मानना है कि यदि ममता और अभिषेक बनर्जी से नाराज TMC सांसद अलग गुट बनाते हैं तो वे मोदी सरकार का समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को बंगाल में किसी सहयोगी की आवश्यकता नहीं है, लेकिन संसद में सांसदों की संख्या बढ़ाना BJP की प्राथमिकता है।

बता दें कि हाल ही में परिसीमन (Delimitation) विधेयक लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था। इस विधेयक के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार भविष्य में इसे दोबारा लाने और वन नेशन, वन इलेक्शन बिल को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में बताई जा रही है।

शिवसेना और NCP विभाजन से की जा रही तुलना

टीएमसी की बगावत को बीजेपी के अंदर महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी में हुए विभाजन से तुलना की जा रही है। इसके अलावा पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के सात सांसदों का बीजेपी में शामिल होने का भी उदाहरण दिया जा रहा है। दरअसल, राघव चड्ढा के नेतृत्व में AAP के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो हुए थे। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट् के मुताबिक तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद बीजेपी ने डीएमके से भी संपर्क बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डीएमके कुछ मुद्दों पर केंद्र सरकार को समर्थन देने पर विचार कर सकती है।

बताया जा रहा है कि चुनावी हार और सहयोगी कांग्रेस के जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में शामिल होने के फैसले से डीएमके दबाव में है और वह कुछ खास विधायी प्रस्तावों पर भाजपा का समर्थन करने के बदले बातचीत कर सकती है।

बंगाल में विपक्ष के नेता बने ऋतब्रत बनर्जी

TMC से निष्कासित किए गए वरिष्ठ नेता ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता मान्यता मिलने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। ऋतब्रत का दावा है कि उन्हें पार्टी के 58 से अधिक विधायकों का समर्थन हासिल है, जबकि बाद में उन्होंने यह संख्या 60 तक बताई।

क्या ममता बनर्जी से नाराज हैं सांसद

विधायकों की तरह सांसद भी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से नाराज बताए जा रहे हैं। दरअसल, अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद ममता बनर्जी ने एक आंदोलन किया था। इस आंदोलन में महज 8 सांसद ही पहुंचे थे। बता दें कि संसद में टीएमसी के पास 41 सांसद (लोकसभा और राज्य सभा) हैं। इसमें से 8 सांसदों के पहुंचने पर अटकलें लगाई जा रही है कि पार्टी के सांसद भी नाराज है। ऐसे में सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या विधायकों की तरह सांसद भी अपना अलग गुट बनाएगे या नहीं?