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कोलकाता के कॉलेज में मिले दीमक लगे नोट, भाजपा विधायक सजल घोष का TMC पर तीखा हमला

Termite eaten currency notes: कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज के छात्र संघ कक्ष की अलमारी से दीमक लगे नोटों से भरे बैग मिले। नकदी बरामदगी के बाद भाजपा विधायक सजल घोष ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मामले की जांच जारी है।

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दीमक लगने के कारण नोट बुरी तरह खराब। (Photo - X@@Priyankabjym)

Termite Damaged Notes: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सुरेंद्रनाथ कॉलेज के छात्र संघ कक्ष कार्यालय की एक अलमारी से 'करोड़ों की नकदी' बरामद हुई है। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी रखरखाव कार्य के लिए सफाई कर्मचारियों के साथ कक्ष का ताला तोड़ रहे थे। इस दौरान नकदी से भरे दो बैग मिले। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इन बैगों में 50 लाख से 60 लाख रुपए हो सकते हैं। हालांकि, दीमक लगने के कारण नोट बुरी तरह खराब हो चुके हैं और वे पहचान में आने लायक नहीं बचे हैं।

बताया जा रहा है कि हल्के से दिखाई दे रहे नोट पुराने 500 रुपए के मूल्यवर्ग के हैं। इस घटना को लेकर बारानगर से भाजपा विधायक सजल घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कॉलेज के छात्र नेताओं को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। सजल घोष ने आरोप लगाया कि यह पैसा आम लोगों का है और संभवतः कॉलेज में प्रवेश सत्र के दौरान छात्रों से जबरन वसूला गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कॉलेज के फंक्शन फंड में अभी भी 1.5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि है।

भाजपा विधायक सजल घोष ने आगे कहा, क्या आपको लगता है कि यह एक कॉलेज है? फिर बताइए, आप इसे कॉलेज क्यों कह रहे हैं? इसे तो एक बोर्डिंग कॉलेज, यानी बोर्डिंग स्कूल जैसा बना दीजिए… उसने जो पैसा लिया है, क्या वह उस पैसे को भवन पर खर्च करेगा? वह पैसा तो आज दीमक की तरह खा लिया गया है…'

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

कॉलेज परिसर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। घटना से जुड़े वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।

एक्स' पर कई यूजर्स ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ पोस्ट में टीएमसी और उससे जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। एक यूजर ने लिखा कि बरामद नकदी कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और तथ्यों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।