Rahul Gandhi ने मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि ग्रेट निकोबार में सेना की आड़ लेकर गौतम अदाणी के लिए आलीशान होटल और कैसीनो बनाने का खेल चल रहा है।
Rahul Gandhi Visit To Nicobar: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा कि निकोबार (Nicobar) में सेना और रक्षा के नाम पर देश से बहुत बड़ा झूठ बोला जा रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया है कि निकोबार में असल में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट नहीं, बल्कि गौतम अदाणी के लिए आलीशान होटल और कैसीनो बनाने का खेल चल रहा है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस कॉर्पोरेट डील के लिए आदिवासियों और पूर्व सैनिकों की जमीन छीनी जा रही है और करीब 1.5 करोड़ पेड़ों को काटकर भारत की सबसे अमूल्य भूमि को तबाह करने की तैयारी है।
राहुल गांधी ने अंडमान और निकोबार यात्रा का 16 मिनट का वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अदाणी के रिश्तों को इस तबाही की वजह बताया। राहुल गांधी ने कहा 'आईएनएस बाज भी तट पर है। वें अडानी की मदद करना चाहते हैं और यह अपराधी भारतीय जमीन हड़पने के लिए नौसेना और सेना की आड़ ले रहे हैं।
वह कह रहे हैं कि वह एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि वह पहले से ही केरल में एक बंदरगाह बना रहे हैं, जो मुख्य भूमि पर है। राहुल ने कहा कि देश की सुरक्षा के मामले पर विपक्ष पूरी तरह सेना के साथ है, लेकिन पर्यावरण की बलि देकर होटल-कैसीनो बनाने के वो सख्त खिलाफ हैं।
राहुल गांधी का दावा है कि इस घने जंगल को लेकर सरकारी आंकड़े पूरी तरह झूठे हैं। सरकार बता रही है कि यहां प्रति हेक्टेयर सिर्फ 145 पेड़ हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा 'कृपया मुझे समझाएं कि होटल और गेस्ट हाउस हमारे देश की रक्षा में कैसे भूमिका निभाते हैं। इनका आपस में क्या संबंध है। वह एक और झूठ बोल रहे हैं कि इस जंगल में प्रति हेक्टेयर 145 पेड़ हैं।
इस जंगल में कुछ मीटर के दायरे में 145 पेड़ हैं। समस्या यह है कि आप 1.5 करोड़ पेड़ चुराना चाहते हैं, जिनमें से प्रत्येक की कीमत 3 लाख रुपये है। उन्होंने कहा, 'मुझे भारत की रक्षा के बारे में यह मत सुनाइए। BJP का हर व्यक्ति अडानी के हितों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके संबंधों की रक्षा करने की कोशिश कर रहा है।'
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बताया कि अंडमान में कैसे वन अधिकार अधिनियम की धज्जियां उड़ाकर वहां के आदिवासियों और पूर्व सैनिकों को बेघर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, 'मैंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर का दौरा किया। मैं इंदिरा प्वाइंट पर खड़ा हुआ। मैं वहां रहने वाले लोगों के साथ बैठा उनसे बात की। राहुल ने कहा आदिवासी समुदाय की जमीन वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करके छीनी जा रही है, और उन्होंने उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।'
इस मामले में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने निकोबार द्वीप परियोजना को एक बड़ी प्राकृतिक आपदा करार दिया है। जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, 'इसके लिए अब मनगढ़ंत रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं जबकि अन्य विकल्प मौजूद हैं। परियोजना के लिए पर्यावरण और वन संबंधी स्वीकृतियां फर्जी आधार पर दी गई हैं।' अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी के इन गंभीर और सीधे आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की तरफ से क्या पलटवार आता है।