Narendra Modi Breaks Jawaharlal Nehru Record: 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचेंगे। वह लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के मामले में पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को देश की राजनीति में एक इतिहास रच देंगे। इस दिन वह लगातार सबसे लंबे समय तक पीएम के रूप मे पद पर बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। इस मामले में वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ देंगे। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार पीएम पद की शपथ ली थी। 10 जून को मोदी लगातार 4,399 दिनों तक इस पद पर रह चुके होंगे।
वहीं 1951-52 के पहले आम चुनाव के बाद 13 मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 को अपने निधन तक जवाहरलाल नेहरू का लगातार कार्यकाल 4,398 दिनों का रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 4,077 दिन तक पीएम पद पर बनीं रहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंडित जवाहर लाल नेहरू और नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा तथा विचारधारा एक-दूसरे से बिल्कुल अलग रही है। नेहरू को लंबे समय तक भारत की धर्मनिरपेक्ष राजनीति का प्रमुख चेहरा माना गया, जबकि नरेंद्र मोदी ने विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ हिंदुत्व की विचारधारा को केंद्र में रखकर भारतीय राजनीति की नई दिशा तय की।
बीजेपी के नेताओं का कहना है कि नेहरू ऐसे दौर में प्रधानमंत्री बने, जब कांग्रेस स्वतंत्रता आंदोलन की अगुवाई करने वाली पार्टी थी और उसके सामने कोई मजबूत राष्ट्रीय विपक्ष नहीं था। वहीं नरेंद्र मोदी ने बेहद प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल में पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार तीन चुनाव जीते और बाद में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के खिलाफ अभियान चलाकर 2014 में बीजेपी को पहली बार पूर्ण बहुमत दिलाया।
| रैंक | प्रधानमंत्री | लगातार कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | जवाहर लाल नेहरू | 16 वर्ष 286 दिन |
| 2 | नरेंद्र मोदी | 12 वर्ष 9 दिन (वर्तमान) |
| 3 | इंदिरा गांधी (1966–77) | 11 वर्ष 59 दिन |
| 4 | मनमोहन सिंह | 10 वर्ष 4 दिन |
| 5 | अटल बिहारी वाजपेयी (1998–2004) | 6 वर्ष 64 दिन |
पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 साल भी पूरे हो गए हैं। इन बीते 12 सालों में मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। जिनमें अग्निवीर योजना, आयुष्मान भारत योजना, नीति आयोग का गठन और नोटबंदी जैसे फैसले शामिल हैं। इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ा। यही नहीं, मोदी सरकार के इन फैसलों ने देश की राजनीतिक दिशा भी बदल दी।
प्रधानमंत्री जन धन योजना : वित्तीय समावेशन के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत देश के करोड़ों गरीबों के 'जीरो बैलेंस' बैंक खाते खोले गए।
नोटबंदी : 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने रात 8 बजे देश को संबोधित किया। सरकार ने उस दिन 500 और 1000 रुपये के नोटों को अचानक बंद करने का फैसला लिया।
अनुच्छेद 370 की समाप्ति : 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया गया। राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर देश के संविधान को वहां पूरी तरह लागू किया गया।