Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले की NIA जांच में पाकिस्तान से जुड़े नए सुराग सामने आए हैं। मारे गए आतंकियों के पास मिले मोबाइल फोन, पाकिस्तानी बैंक और आतंकी संगठनों के संभावित कनेक्शन ने जांच को नया मोड़ दिया है।
Pahalgam Attack Pakistan Connection: 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ऐसे सुराग मिले हैं, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। मारे गए तीन आतंकियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन अब जांच एजेंसियों के लिए अहम सबूत बनकर उभरे हैं।
28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के दचिगाम क्षेत्र स्थित मुलनार महादेव में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे। इनमें फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस और NIA की जांच में पता चला कि इन आतंकियों के पास शाओमी के दो स्मार्टफोन मौजूद थे। इनमें एक Redmi 9T (ऑरेंज) और दूसरा Redmi Note 12 (ब्लैक) मॉडल था। जांच में सामने आया कि इन दोनों फोन का इतिहास बेहद संदिग्ध है।
रिपोर्ट के अनुसार, Redmi 9T स्मार्टफोन वर्ष 2021 में चीन से पाकिस्तान भेजे गए एक कंसाइनमेंट का हिस्सा था। इस कंसाइनमेंट को पाकिस्तान की कराची स्थित टेक सिरत प्राइवेट लिमिटेड ने आयात किया था। आपको बता दें ये फोन 2023 में खरीदा गया था, लेकिन इसके बाद करीब दो साल तक इसे एक्टिव नहीं किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि फोन को जानबूझकर बंद रखा गया और पहलगाम हमले से पहले ही इसे सक्रिय किया गया। इससे यह आशंका मजबूत होती है कि फोन का इस्तेमाल पहले से योजनाबद्ध आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाना था।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस कंसाइनमेंट में फोन पाकिस्तान पहुंचा था, उसके लॉजिस्टिक और वित्तीय दस्तावेजों में कराची स्थित फैसल बैंक का नाम दर्ज था। रिपोर्ट के मुताबिक कंसाइनमेंट का डिलीवरी एड्रेस भी इसी बैंक से जुड़ा हुआ था। हालांकि अभी तक फैसल बैंक की पहलगाम हमले में किसी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां इसके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।
फैसल बैंक का नाम पहले भी आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। साल 2007 में की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 9/11 हमले के बाद अमेरिकी अदालत में पेश दस्तावेजों में ऐसे खातों का उल्लेख था, जिनका संबंध आतंकवाद समर्थक संगठनों से था। इन संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा और लजनात-अल-दावा जैसे नाम शामिल बताए गए थे। हालांकि बाद में बैंक ने स्पष्ट किया था कि जिन खातों पर संदेह जताया गया था, उन्हें पहले ही फ्रीज किया जा चुका है।
आतंकियों के पास मिला दूसरा स्मार्टफोन Redmi Note 12 था। जांच में पता चला कि इसे पाकिस्तान की एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा आयात किया गया था, जिसका मुख्यालय लाहौर में स्थित है। इस फोन को भी लंबे समय तक सक्रिय नहीं किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकी मोबाइल नेटवर्क के बजाय लंबी दूरी के रेडियो संचार उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे और मोबाइल फोन को केवल विशेष परिस्थितियों में उपयोग किया गया।
NIA को दोनों मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें कुछ तस्वीरें, लोकेशन मैप और एक अस्थायी टेंट की फोटो शामिल है, जिसका इस्तेमाल आतंकियों द्वारा किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आतंकियों के नेटवर्क, मूवमेंट और संभावित मददगारों की पहचान करने में जुटी हैं।