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TMC में भगदड़ और धरना प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, पार्टी कमिटियों को किया गया भंग

Mamata Banerjee: टीएमसी पार्टी से लगातार नेताओं के इस्तीफे के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी की कमिटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस संबंध में एक लेटर जारी किया गया है।

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ममता बनर्जी(फोटो-IANS)

TMC: पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी की कमिटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सोशल मीडिया साइट 'X' पर पार्टी की ओर से जारी एक लेटर में इस बात की जानकारी दी गई है। पार्टी की ओर से कहा गया कि संगठन के हर स्तर पर व्यापक आत्ममंथन, चुनाव परिणाम की समीक्षा संगठनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। जिसके बाद जल्द ही नए सिरे से संगठन का गठन किया जाएगा। लेटर में कहा गया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम करेगी।

पार्टी ने नहीं दिया कोई कारण


हालांकि पार्टी की ओर से इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके पीछे का कारण टीएमसी नेतृत्व संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करना बताया जा रहा है। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यह फैसला पार्टी की अंदरूनी चुनौतियों से निपटने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच नए सिरे से तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है।

एक दिन पहले ममता बनर्जी ने किया धरना प्रदर्शन


मंगलवार को ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरना प्रदर्शन किया। इस धरने में अभिषेक बनर्जी सहित पार्टी के कई नेता शामिल हुए हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया कि यह धरना प्रदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे अत्याचार और हाल ही में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मैं तब तक नहीं मरूंगी जब तक तुम लोगों(बीजेपी) को हटाऊंगी नहीं।

पार्टी नेताओं के हो रहे इस्तीफे


पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणाम के बाद कई टीएमसी नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में पार्टी ने भी दो विधायकों को पार्टी से निकल दिया। पार्टी ने दावा किया कि दोनों विधायक पार्टी के खिलाफ गतिविधि में शामिल थे। इससे पहले पार्टी के कई नेता सहित राज्यभर से कई पार्षदों ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया। इस चुनाव में 15 साल के शाशन के बाद ममता बनर्जी को सत्ता छोड़नी पड़ी।