India food security update: देश में गेहूं-चावल का भंडार बफर नॉर्म से कहीं अधिक, केंद्र सरकार ने खाद्यान्न, उर्वरक, खाद्य तेल और चीनी की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिया, खरीफ 2026 सीजन के लिए तैयारियां पूरी, किसानों और उपभोक्ताओं को राहत।
India foodgrain stock: केंद्र सरकार ने सोमवार को गर्व और राहत देने वाली खबर दी। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एक प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि देश में खाद्यान्न (गेहूं-चावल) के पर्याप्त (मानक से दोगुने) भंडार भरे हैं और अन्य चीजों की भी कोई कमी नहीं है। चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की खरीद लगभग 350 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच चुकी है और खरीद प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी।
खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने बताया कि उर्वरक सुरक्षा भी मजबूत और स्थिर है। सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता लगातार आवश्यकता से अधिक है। मिश्र ने कहा कि घरेलू स्तर पर खाद्य तेलों की उपलब्धता पर्याप्त है। प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों से आयात जारी है, जिनमें इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल, रूस और यूक्रेन से सूरजमुखी का तेल, और अर्जेंटीना और ब्राजील से सोयाबीन का तेल शामिल हैं। देश में चीनी की उपलब्धता घरेलू खपत की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
सरकार ने कहा कि वह बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित पक्षों के साथ नियमित संवाद कर रही है। देश में चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे घरेलू मांग आसानी से पूरी की जा सकती है। उत्पादन और स्टॉक की मौजूदा स्थिति ऐसी है कि बाजार में चीनी की आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
केंद्र सरकार ने बताया कि खरीफ सीजन की जरूरतों को देखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके तहत एसओएच व्यवस्था के माध्यम से 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 15 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 10 लाख मीट्रिक टन एनपीके की आपूर्ति तय हो चुकी है। ये सभी खेप जून-जुलाई में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगी। साथ ही 17 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया आयात के लिए वैश्विक टेंडर प्रक्रिया भी जारी है।
| अन्न | 1 जुलाई तक मानक बफर स्टॉक (लाख टन) | वास्तविक भंडार (लाख टन) |
|---|---|---|
| गेहूं | 275.80 | 513 |
| चावल | 135.40 | 397* |
-चावल के अलावा 298 लाख टन धान भी अतिरिक्त रूप से भंडारित है।
मिश्र ने बताया कि सरकार ने बाजार के मौजूदा हालात और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज की खरीद कीमत 24.4% बढ़ाकर 12.70 रुपये से 15.80 रुपये प्रति किलो कर दी है। सरकार ने इस साल के लिए दो लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है।