West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता और तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित ऋतब्रता बनर्जी ने कहा कि मैं सिर्फ एक बात कहूंगा- हमारी संख्या बढ़ती रहेगी। मुझे पूरा भरोसा है।
Ritabrata Banerjee Statement: पश्चिम बंगाल में बीते एक महीने से राजनीति घमासान मचा हुआ है। 15 साल तक सत्ता करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस टूटकर बिखर गई है। इस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी का बयान सामने आया है। ऋतब्रता बनर्जी ने शुक्रवार कहा कि उन्होंने पिछले सात दिनों में किसी भी सांसद से बात नहीं की है और इसलिए उन्हें नहीं पता कि वे क्या करेंगे।
ऋतब्रता बनर्जी ने कहा कि बीते सात दिनों में उनका किसी भी सांसद से संपर्क नहीं हुआ है और इसलिए वे उनके संभावित निर्णयों पर टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मैंने पिछले सात दिनों में किसी भी सांसद से बात नहीं की है। इसलिए मैं यह नहीं कह सकता कि सांसद क्या करेंगे। लेकिन मैं वर्तमान में जी रहा हूं। कल क्या होगा, यह कोई नहीं कह सकता। धैर्य रखें। बहुत कुछ हो सकता है।
आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार को ऋतब्रता बनर्जी ने कहा कि 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में 58 विधायकों को प्रमुख विपक्ष के रूप में स्वीकार कर लिया गया है और अध्यक्ष ने हमारी मांग को स्वीकार कर लिया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए ऋतब्रता बनर्जी ने यह भी कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना मुख्य सलाहकार बनाना चाहते हैं। ऋतब्रता बनर्जी ने दावा किया कि टीएमसी के नवनिर्वाचित 80 विधायकों में से दो-तिहाई विधायकों का उन्हें समर्थन प्राप्त है।
ऋतब्रता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की दो-तिहाई बहुमत वाली यह विधायी टीम 'मैं' में विश्वास नहीं करती, बल्कि 'हम' में विश्वास करती है। जो भी नियम बनाए गए, हमने उन सभी का पालन किया है। इसीलिए हमें पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में स्वीकार किया गया है।
ऋतब्रता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक-एक कदम करके आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने दावा किया है कि विधानसभा में जीत हासिल करने वाली पार्टी इन्हीं विधायकों की है। तृणमूल कांग्रेस के चिन्ह पर दो-तिहाई विधायक चुनाव लड़े हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने हमारे दावे को स्वीकार कर लिया है। इसलिए हम एक-एक कदम करके आगे बढ़ना चाहते हैं।