School of Planning Building: दिल्ली के ITO स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की दूसरी मंजिल पर आग लग गई, जिसे 8 दमकल गाड़ियों ने समय रहते बुझा दिया, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
Delhi ITO Fire: राजधानी दिल्ली के ITO क्षेत्र स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की इमारत में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग भवन की दूसरी मंजिल पर लगी, जिसके बाद इमारत से घना धुआं निकलता हुआ देखा गया।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की 8 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल विभाग को सुबह 9:37 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इससे एक दिन पहले दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में स्थित एक पीजी हॉस्टल में भी आग लगने की घटना सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई है। दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और किसी भी तरह की जनहानि नहीं होने दी।
दिल्ली में हाल के दिनों में आग लगने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई मामलों में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है, जबकि कुछ घटनाएं जानलेवा भी साबित हुई हैं। शनिवार रात दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के महिपालपुर इलाके की गली नंबर 12 में स्थित एक मोबाइल गोदाम में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसे नियंत्रित करने के लिए 14 दमकल वाहनों को मौके पर तैनात करना पड़ा।
दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों से एयर कंडीशनर (AC) में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी, ओवरलोडिंग और खराब रखरखाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। हाल ही में दिल्ली के हौज खास इलाके में एक पूर्व IAS अधिकारी के घर में AC में विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अधिकारी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं इससे पहले विवेक विहार में AC में लगी आग ने भयावह रूप ले लिया था। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
आग से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
दिल्ली में लगातार सामने आ रही आग की घटनाएं सुरक्षा मानकों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे में नागरिकों और संस्थानों दोनों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।