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बांग्लादेश में फिर हिन्दुओं का शुरू हुआ शोषण, एक और शख्स को पुलिस ने किया अरेस्ट, जानें पूरा मामला?

Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में एक 23 वर्षीय हिंदू युवक को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। उस पर आरोप है कि उसने पवित्र कुरान शरीफ के अपमान से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी।

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बांग्लादेश के ढाका में एक हिंदू अरेस्ट- नाम शॉन चंद्र दास (AI जनरेटेड इमेज)

Bangladesh Minority Issues: पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू समुदाय से जुड़े मामले ने चिंता बढ़ा दी है। ढाका में 23 वर्षीय हिंदू युवक शॉन चंद्र दास को सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मामला पवित्र कुरान शरीफ के अपमान से जुड़ी एक पोस्ट से संबंधित है, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

शॉन चंद्र दास मयमनसिंह जिले के गौरीपुर इलाके का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इस घटना ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की स्थिति और उनकी सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

क्या है आरोप?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने अपने आईएमओ अकाउंट पर पवित्र कुरान से जुड़ी एक कथित आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी। इस पोस्ट के सामने आने के बाद इलाके में लोगों में नाराजगी फैल गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद युवक फरार हो गया था, लेकिन बाद में उसे ढाका के तेजगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने अभी यह साफ नहीं किया है कि पोस्ट में क्या था और आरोपी पर कौन-कौन से आरोप लगाए जाएंगे। बता दें कि बांग्लादेश में पहले भी अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है।

अल्पसंख्यकों का हो रहा शोषण!

पड़ोसी मुल्क में पिछले कुछ समय से अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं के खिलाफ कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इसी साल फरवरी में 60 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। उनका शव उनकी दुकान में घायल हालत में मिला था।

वहीं, दिसंबर 2025 में कपड़ा फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बाद में जांच एजेंसियों को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि उन्होंने धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली कोई पोस्ट की थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी 645 घटनाएं दर्ज की गईं। इन मामलों ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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