Kharif season preparation: अल नीनो की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट जारी किया है। कम बारिश की संभावना को देखते हुए खरीफ सीजन को सुरक्षित रखने के लिए जल प्रबंधन, वैकल्पिक फसलों और कंटिन्जेंसी प्लान पर विशेष जोर दिया गया है।
El Nino alert India: देशभर में मानसून के आगमन से पहले केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से 2026 में सामान्य से कम बारिश और अल नीनो विकसित होने की आशंका जताने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला कि सरकार इस बार मानसून को लेकर किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। केंद्र सरकार किसानों को आश्वस्त कर रही है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन बैठक में जिस तरह कम वर्षा, लंबे ड्राई स्पेल, वैकल्पिक फसलों, पुनर्बुवाई और जिला स्तरीय कंटिन्जेंसी प्लान पर जोर दिया गया, उससे यह भी स्पष्ट है कि केंद्र सरकार संभावित मौसमीय संकट की तैयारी अभी से शुरू कर चुका है।
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD का मानसून के दौरान देश में दीर्घकालिक औसत की करीब 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। आमतौर पर अल नीनो का संबंध भारत में कमजोर मानसून, सूखे जैसी परिस्थितियों और कृषि उत्पादन पर दबाव से जोड़ा जाता है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अल नीनो की आशंका को देखते हुए राज्यों से कहा है कि जहां बारिश कम होने के आसार है, वहां पहले से सूखा-सहनशील किस्मों, कम अवधि वाली फसलों और वैकल्पिक बुवाई योजनाओं की व्यवस्था रखी जाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि संभावित अल नीनो प्रभाव और सामान्य से कम वर्षा के अनुमान को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तैयारी के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि घबराने की बजाय वैज्ञानिक सलाह और सरकारी मार्गदर्शन का पालन करना चाहिए। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जोर देकर कहा कि कंटिन्जेंसी प्लान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। कृषि मंत्री ने बताया कि देश के जलाशयों में इस समय सामान्य से बेहतर जल भंडारण है और खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त बीज उपलब्ध हैं।