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सीबीएसई 12वीं रिजल्ट विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग, पीएमओ तक पहुंची गड़बड़ियों की गूंज

CBSE 12th Result: नीट विवाद के बाद सीबीएसई 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। 32 लाख फेक हिट्स, क्लाउड एआई से पोर्टल में सेंध और फिजिक्स मूल्यांकन को लेकर बढ़े विवाद के बीच पीएमओ भी मामले पर नजर बनाए हुए है।

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नीट विवाद के बाद सीबीएसई 12वीं परीक्षा की गड़बड़ियों पर भी केंद्र की निगरानी तेज। (Photo - IANS)

CBSE: नीट के बाद सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में ढेरों गड़बड़ियां और ठेके पर सवाल उठने के चलते अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नजरें भी इस पर टिक गई हैं। नीट पेपर लीक मामले में पीएमओ ने सीधे निगरानी शुरू की थी। दरअसल, सीबीएसई 12वीं परीक्षा में गड़बड़ियों के चलते पूरे देश में युवाओं में आक्रोश है। हर दिन नई गड़बड़ी सामने आने के चलते पीएमओ को इस मामले में अपडेट लेने की स्थिति बनी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने और सोनम वांगचुक के समर्थन के चलते यह मामला सीधे तौर पर अब सियासी पिच पर आ गया है। ऐसे में आगे सीबीएसई को लेकर और बड़े बदलाव सामने आ सकते हैं।

32 लाख फेक हिट्स, क्लाउड एआई से गड़बड़

सीबीएसई के रिजल्ट और पुनर्मूल्यांकन में क्लाउड एआई के जरिए पोर्टल में सेंध लगी थी। मुख्य रिजल्ट के समय दो घंटे में 15 लाख हिट्स मिले थे, जबकि पुनर्मूल्यांकन के समय 32 लाख फेक हिट्स पाए गए। आईआईटी कानपुर और मद्रास की टीमों ने प्रारंभिक आकलन में ओएसएम सिस्टम में क्लाउड एआई के जरिए ही सेंध लगाने को पाया है। अब यह भी सामने आया है कि पुनर्मूल्यांकन के समय भी 32 लाख से ज्यादा फेक हिट्स हुए। यह पुनर्मूल्यांकन को प्रभावित करके भ्रमित करने के लिए थे।

अनुभव की कमी के सवाल उठे

12वीं का ऑनस्क्रीन मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों के अनुभव को लेकर भी सवाल उठे हैं। सबसे अहम बात तो यह सामने आ रही कि नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षण में कमी रही। जल्दबाजी में नया मॉड्यूल लागू किया गया। उस पर अब मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को पर्याप्त अनुभव न होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

फिजिक्स पर उठे सवाल: सबसे खराब मूल्यांकन

सीबीएसई 12वीं परीक्षा परिणाम में फिजिक्स को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठे हैं। जिस वेदांत श्रीवास्तव की कॉपी दूसरे से बदली थी वह भी फिजिक्स का विषय था। अभी फिजिक्स में सौ में से सौ नंबर लाने वाले स्टूडेंट केवल 56 हैं, जबकि दूसरे विषयों में यह संख्या एक हजार से ज्यादा है। इस कारण फिजिक्स को लेकर सबसे अधिक विवाद हैं।